जहीर ने 4 दिन तक बनाया बंधक, जबरन मांस खिलाया और रेप के बाद बदला धर्म; पीड़िता ने सुनाई आपबीती

नूंह : हरियाणा के नूंह (मेवात) जिले से एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जहां पंजाब की एक 24 वर्षीय हिंदू नर्स को ‘लव जिहाद’ और ब्लैकमेलिंग के जाल में फंसाकर न केवल उसकी अस्मत लूटी गई, बल्कि उसे जबरन धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया। आरोपी ने पीड़िता को बंधक बनाकर नृशंस यातनाएं दीं और उसे जबरन मांस खिलाया। शनिवार रात किसी तरह मौत के चंगुल से भागकर पीड़िता थाने पहुंची, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
सोशल मीडिया पर दोस्ती और फिर ‘ब्लैकमेलिंग’ का खेल
पीड़िता पंजाब के फिरोजपुर की रहने वाली है और पेशे से नर्स है। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, करीब एक साल पहले उसकी मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए नूंह के ढोंड गांव निवासी जहीर से हुई थी। जहीर ने खुद को कुंवारा बताकर और शादी का झांसा देकर तलाकशुदा महिला को अपने विश्वास में लिया। आरोपी ने पहली बार उसे दावत के बहाने एक होटल में बुलाया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया और चोरी-छिपे अश्लील वीडियो बना ली।
डेढ़ लाख रुपये ऐंठे और ईद पर बनाया ‘बंधक’
आरोपी जहीर उस वीडियो के जरिए पीड़िता को लगातार ब्लैकमेल करने लगा। उसने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता से करीब डेढ़ लाख रुपये भी वसूल लिए। 20 मार्च 2026 को आरोपी उसे ईद की दावत के बहाने अपने गांव ले आया। आरोप है कि 20 से 24 मार्च के बीच उसे एक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उसके साथ कई बार रेप किया गया और विरोध करने पर बेरहमी से मारपीट की गई।
जबरन मांस खिलाया और धर्म परिवर्तन का दबाव
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी और उसके परिवार ने उस पर हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाने का भारी दबाव बनाया। उसे जान से मारने की धमकी दी गई और उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हुए उसे जबरन मांस खिलाया गया। शनिवार (28 मार्च) की रात जब आरोपी की पकड़ थोड़ी ढीली हुई, तो महिला वहां से जान बचाकर भाग निकली और सीधे फिरोजपुर झिरका थाने पहुंची।
हरियाणा धर्मांतरण कानून के तहत कड़ी कार्रवाई
नूंह पुलिस ने मामले की संजीदगी को देखते हुए आरोपी जहीर को गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी के अनुसार, आरोपी पर दुष्कर्म, मारपीट और ब्लैकमेलिंग की धाराओं के साथ-साथ ‘हरियाणा प्रिवेंशन ऑफ अनलॉफुल कन्वर्जन ऑफ रिलिजन एक्ट 2022’ (हरियाणा अवैध धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
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