हवस का भूखा ससुर! विधवा बहू पर रखता था गंदी नज़र, चीखती-चिल्लाती रही बेटी, लेकिन उसके सामने ही…

UP Crime News : उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों की पवित्रता को झकझोर कर रख दिया है। आरोप है कि एक कलयुगी ससुर ने अपनी ही विधवा बहू की इसलिए हत्या कर दी क्योंकि उसने उसकी गंदी नीयत और हवस का विरोध किया था।
मृतका के पिता लखन पाल ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उनकी बेटी सुखदेवी के पति आशाराम की मृत्यु साल 2025 में प्रयागराज कुंभ मेले के दौरान हुई भगदड़ में हो गई थी। पति की मौत के बाद से ही ससुर दयाराम की नीयत खराब हो गई थी और वह अक्सर बहू को प्रताड़ित करता था तथा उसे अपनी हवस का शिकार बनाने की कोशिश करता था। सुखदेवी ने कई बार इसकी जानकारी अपने मायके वालों को दी थी। गांव के बुजुर्गों ने बीच-बचाव कर समझौता भी कराया, लेकिन आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया।
घटना के दिन सुखदेवी घर में अकेली थी। आरोप है कि ससुर दयाराम ने उसे दबोच लिया। जब उसने विरोध किया और शोर मचाया तो आरोपी के परिजन कीरत और योगेंद्र ने भी उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान दयाराम ने लोहे की रॉड से उसके सिर पर जानलेवा हमला कर दिया। सुखदेवी की 16 वर्षीय बेटी प्रतिज्ञा अपनी मां को बचाने के लिए चीखती-चिल्लाती रही, लेकिन आरोपियों ने कोई रहम नहीं दिखाया। गंभीर रूप से घायल सुखदेवी को जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
वारदात के बाद आरोपी दयाराम मोटरसाइकिल से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि भागते समय राठ थाना क्षेत्र के पास उसका एक्सीडेंट भी हुआ और वह घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही वह वहां से भी फरार हो गया।
इस दर्दनाक घटना में 16 वर्षीय प्रतिज्ञा और 10 वर्षीय हिमांशु अपनी मां को खोकर अनाथ हो गए हैं। पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी, ऐसे में अब दोनों बच्चों के सामने गहरा संकट खड़ा हो गया है। पुलिस फिलहाल फरार आरोपी ससुर और उसके सहयोगियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
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