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जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी पर शहीद हुए सीतापुर के अग्निवीर जवान इंद्रजीत गुप्ता, क्या हुआ इनके साथ?


Sitapur Soldier crime News: सीतापुर जिले के मानपुर क्षेत्र के पकरिया धापूपुर गांव में उस समय मातम पसर गया, जब सुबह कुपवाड़ा से एक दुखद खबर आई. गांव के रहने वाले 24 वर्षीय अग्निवीर जवान इंद्रजीत गुप्ता का ड्यूटी पर जाते समय अचानक निधन हो गया. इस खबर से पूरे परिवार के साथ-साथ गांव में शोक की लहर दौड़ गई. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और हर किसी की आंखें नम हैं.

ड्यूटी पर जाते समय अचानक गिर पड़े, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत

जानकारी के अनुसार, इंद्रजीत गुप्ता शुक्रवार सुबह रोज की तरह ड्यूटी के लिए जा रहे थे. इसी दौरान अचानक उन्हें चक्कर आया और वह जमीन पर गिर पड़े. साथी जवानों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही उनकी हालत गंभीर हो गई और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनका निधन हो गया. सेना के अधिकारियों ने घटना की सूचना परिजनों को दी, जिसके बाद घर में कोहराम मच गया.

उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा क्षेत्र में थी

मृतक के बड़े भाई इंद्रपाल गुप्ता ने बताया कि इंद्रजीत बचपन से ही देश सेवा का सपना देखते थे. वर्ष 2021 में अग्निवीर भर्ती के तहत उनका चयन हुआ था, जिसके बाद से वह पूरी लगन और ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे. वर्तमान में उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा क्षेत्र में थी, जो कि संवेदनशील इलाकों में गिना जाता है.

इंद्रजीत गुप्ता के घर में तीन पीढ़ियों की सैन्य सेवा

इंद्रजीत के परिवार की पृष्ठभूमि भी सैन्य सेवा से जुड़ी रही है. उनके पिता अर्जुन लाल गुप्ता सेना से रिटायर्ड हैं और उन्होंने भी लंबे समय तक देश की सेवा की है. इतना ही नहीं, इंद्रजीत के जुड़वां भाई इंद्रपाल गुप्ता भी सशस्त्र सीमा बल (SSB) में तैनात हैं और इस समय बिहार प्रांत में नेपाल सीमा पर अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं. ऐसे में यह परिवार पूरी तरह से देश सेवा को समर्पित रहा है.

जवान का पार्थिव शरीर शनिवार को उनके पैतृक गांव लाया जाएगा

इंद्रजीत की असमय मृत्यु ने परिवार की खुशियां छीन ली हैं. माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव के लोग भी इस दुखद घटना से स्तब्ध हैं. ग्रामीणों का कहना है कि इंद्रजीत बेहद मिलनसार और मेहनती युवक थे, जो हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहते थे. उनकी अचानक मौत ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया है. सेना की ओर से बताया गया है कि जवान का पार्थिव शरीर शनिवार को उनके पैतृक गांव लाया जाएगा, जहां पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. गांव में अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ने की संभावना है.

इंद्रजीत गुप्ता की मौत ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि देश की रक्षा में जुटे जवान कितनी कठिन परिस्थितियों में अपनी ड्यूटी निभाते हैं. उनका यह बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा और गांव के लिए वे हमेशा गर्व का विषय बने रहेंगे.

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