Recent Posts

Breaking News

हिमाचल में सर्पदंश अब ‘अधिसूचित रोग’, सरकार का फैसला, सांप के काटने से मौत पर विभाग को देनी होगी रिपोर्ट

हिमाचल सरकार ने राज्य में सर्पदंश (सांप के काटने) को अब अधिसूचित रोग घोषित कर दिया है। यह निर्णय भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा वर्ष 2030 तक सर्पदंश विषाक्तता की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए लागू किए गए नेशनल एक्शन प्लान फॉर प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ स्नेकबाइट एनवेनमिंग के अनुरूप लिया गया है। 

राज्य की स्वास्थ्य सचिव एम सुधा देवी की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्यपाल ने केंद्रीय क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट (पंजीकरण एवं विनियमन) अधिनियम, 2010 की धारा 12 (1) (द्बद्बद्ब) और 42 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह नोटिफिकेशन की है। 

सरकार ने निर्देश दिए हैं कि राज्य के सभी स्वास्थ्य संस्थान, सरकारी और निजी अस्पतालों सहित चिकित्सा महाविद्यालय में कार्यरत प्रत्येक चिकित्सक को सर्पदंश के सभी संदिग्ध एवं संभावित मामलों तथा उनसे होने वाली मौतों की सूचना संबंधित लोक स्वास्थ्य प्राधिकरण को यथाशीघ्र देनी होगी। यानी इसे रिपोर्ट करना होगा।

इस निर्णय का उद्देश्य राज्य में सर्पदंश की प्रभावी निगरानी प्रणाली विकसित करना है। इसके तहत सर्पदंश की घटनाओं का नियमित ट्रैकिंग, उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान, आवश्यक संसाधनों जैसे एंटी-वेनम की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा मौतों के कारणों का विश्लेषण किया जाएगा। 

सरकार का मानना है कि इस कदम से सर्पदंश पीडि़तों के उपचार प्रबंधन में सुधार होगा । अभी तक स्नेक बाइट के मामलों को रिपोर्ट नहीं किया जा रहा था। एक आकलन के अनुसार हिमाचल में हर साल लगभग 5,000 सर्पदंश के मामले दर्ज होते हैं, जिनमें से करीब 100 से 150 मौतें हो जाती हैं।

No comments