‘फोटो भेजूं क्या, मरी पड़ी है’, पत्नी की हत्या के बाद सास को फोन कर बोला दामाद; रोंगटे खड़े कर देगी ये कहानी..
दरअसल, यह पूरा मामला कैथल के एक परिवार का है, जहां बठिंडा की रहने वाली शालू की उसके ही पति अरुण ने हत्या कर दी। शनिवार की दोपहर जब शालू का परिवार ससुराल पहुंचा, तो उनकी आंखों के सामने बेटी की लाश बेड पर पड़ी थी। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी अरुण, उसके भाई राहुल, भाभी दामिनी और भांजे विशाल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। घटना के बाद से ही इलाके में सनसनी फैली हुई है और हर कोई आरोपी की इस दरिंदगी की चर्चा कर रहा है।
पूजा के बहाने मौत का जाल और वो खौफनाक कॉल
मृतका शालू के परिजनों ने बताया कि नवरात्र शुरू होने पर अरुण ने शालू को फोन किया था। उसने बड़े प्यार से उसे यह कहकर बुलाया कि घर में कुलदेवी का पाठ और पूजा होनी है, इसलिए उसका आना जरूरी है। शालू को क्या पता था कि जिस चौखट पर वो आस्था के साथ कदम रख रही है, वही उसकी आखिरी मंजिल होगी। रात के वक्त अरुण ने गला घोंटकर या किसी अन्य तरीके से (जिसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगी) उसकी हत्या कर दी।
हत्या करने के बाद आरोपी के माथे पर शिकन तक नहीं थी। उसने तुरंत अपनी सास को फोन लगाया। बताया जा रहा है कि जब उसने मौत की खबर दी, तो शालू की मां को लगा कि शायद वह मजाक कर रहा है या डरा रहा है। लेकिन अरुण के अगले शब्द कलेजा चीर देने वाले थे। उसने चुनौती देते हुए कहा कि वह लाश की फोटो भेज सकता है। इसके बाद उसने अपनी भाभी दामिनी को भी इस बारे में बताया। उसने भाभी से कहा, “मैंने पत्नी को मार दिया है, अब तुम संभाल लेना” और इतना कहकर वह मौके से फरार हो गया।
चिट्टे की लत और सात साल का नर्क
इस हत्याकांड के पीछे की कहानी बेहद दर्दनाक है। शालू की मां ने रोते हुए बताया कि उनकी बेटी की शादी साल 2018 में हुई थी, लेकिन शादी के महज सात महीने बाद ही ससुराल वालों और पति का असली चेहरा सामने आ गया था। असल में, अरुण नशे का आदि था। वह ‘चिट्टा’ (सिंथेटिक ड्रग्स) और नशे के इंजेक्शन लेता था। नशे की इस लत ने उसे न सिर्फ बेरोजगार बना दिया था, बल्कि वह अपराध की राह पर भी निकल पड़ा था।
परिजनों का आरोप है कि अरुण कोई काम-धंधा नहीं करता था और अक्सर चोरी की वारदातों में पकड़ा जाता था। शालू के मायके वाले अपनी बेटी का घर बचाने के लिए बार-बार अरुण को पुलिस से छुड़ाने के लिए पैसे देते थे। हद तो तब हो गई जब आरोपी के घर के बिजली के बिल तक शालू के माता-पिता को भरने पड़ते थे। शालू अक्सर मारपीट और प्रताड़ना सहती रही, इस उम्मीद में कि शायद एक दिन सब ठीक हो जाएगा, लेकिन अंत में उसे मौत ही मिली।
पुलिस की कार्रवाई और परिजनों का इंसाफ के लिए गुहार
शनिवार दोपहर जब आरोपी की भाभी दामिनी कमरे में पहुंची, तो वहां का नजारा भयावह था। शालू बेजान बिस्तर पर पड़ी थी। शोर मचने पर आसपास के लोग और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कैथल के नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह घरेलू कलह और नशे की लत से जुड़ा मामला लग रहा है, लेकिन हत्या की असली वजह और तरीका पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ हो पाएगा।
फिलहाल, आरोपी अरुण पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में छापेमारी कर रही हैं। शालू के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और वे बस एक ही मांग कर रहे हैं कि उनकी बेटी के कातिलों को सख्त से सख्त सजा मिले। समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और इस तरह की हिंसक वारदातों ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक ढांचों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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