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अयोध्या में रामनवमी को लेकर चल रही खास तैयारी, सूर्य तिलक से अभिषेक तक का पूरा शेड्यूल आया सामने

Ayodhya Ram Navami 2026: रामनगरी अयोध्या इस बार रामनवमी के पावन अवसर पर एक ऐतिहासिक और भव्य आयोजन की साक्षी बनने जा रही है. भगवान राम के बाल स्वरूप राम लल्ला  का जन्मोत्सव इस साल पहले से कही अधिक दिव्यता और भव्यता के साथ मनाया जाएगा. आपको बता दें कि इस खास अवसर पर आस्था और आधुनिक विज्ञान का ऐसा अनोखा संगम देखने को मिलेगा जो श्रद्धालुओं के लिए बेहद  खास और यादगार बनने वाला है. मंदिर में रामलला का दिव्य  श्रृंगार, विशेष अभिषेक और दोपहर में होने वाला सूर्य तिलक इस आयोजन के सबसे बड़े आकर्षण रहेंगे.

रामलला का होगा विशेष अभिषेक और दिव्य श्रृंगार

रामनवमी के अवसर पर मंदिर में भगवान रामलला का विशेष विधि-विधान से अभिषेक किया जाएगा. इसके बाद उन्हें पीले रंग के पितांबर वस्त्र धारण कराए जाएंगे. श्रृंगार के दौरान रामलला को सोने का मुकुट पहनाया जाएगा और हीरा-पन्ना जड़ित स्वर्ण आभूषणों से उनका भव्य श्रृंगार किया जाएगा. यह दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा और भक्तों को भक्ति का अनूठा अनुभव कराएगा.

पूजा-अनुष्ठान का तय किया गया पूरा शेड्यूल

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा जारी प्रोटोकॉल के अनुसार रामनवमी के दिन पूजा-अनुष्ठानों का पूरा कार्यक्रम तय किया गया है.

सुबह 9:30 बजे से 10:30 बजे तक रामलला का विशेष अभिषेक किया जाएगा.

  • 10:30 बजे से 10:40 बजे तक गर्भगृह के पट बंद रहेंगे.
  • 10:40 बजे से 11:45 बजे तक रामलला का दिव्य श्रृंगार किया जाएगा.
  • 11:45 बजे भोग लगाने के लिए मंदिर के पट बंद किए जाएंगे.
  • दोपहर 12:00 बजे जन्मोत्सव आरती के साथ मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे.

सूर्य तिलक बनेगा इस बार का सबसे बड़ा आकर्षण

इस बार रामनवमी पर सबसे खास और अद्भुत क्षण सूर्य तिलक का होगा. ठीक दोपहर 12 बजे जब रामलला के प्राकट्य का समय माना जाता है, उस समय लगभग 4 मिनट तक सूर्य की किरणें सीधे भगवान के मस्तक पर पड़ेंगी. इस अनोखे दृश्य को सूर्य तिलक कहा जा रहा है जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है. यह क्षण भक्तों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं होगा और आस्था के साथ विज्ञान का अद्भुत मेल भी दिखाएगा.

भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गूंजेगा मंदिर परिसर

रामनवमी के अवसर पर केवल पूजा-अर्चना ही नहीं बल्कि मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा. इन कार्यक्रमों से पूरा वातावरण भक्तिमय और राममय हो जाएगा. श्रद्धालु इन आयोजनों में शामिल होकर आध्यात्मिक ऊर्जा और उत्साह का अनुभव कर सकेंगे.

देश-विदेश से पहुंचेंगे श्रद्धालु

इस भव्य और दिव्य आयोजन को देखने के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने की संभावना है. मंदिर परिसर में मौजूद भक्त इस अद्भुत और अलौकिक क्षण के साक्षी बन सकेंगे जो उनके जीवन की यादगार आध्यात्मिक पल बन सकता है.

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