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सड़क के बीचो-बीच हैंडपंप देख लोगों का चकराया सिर, मीरजापुर में PWD के ब्लंडर की ऐसे खुली पोल

Mirzapur PWD Negligence: उत्तर प्रदेश के मीरजापुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने सरकारी कामकाज की पोल खोल दी है. विंध्याचल इलाके में सड़क चौड़ीकरण के दौरान ऐसा कारनामा हुआ कि लोग दंग रह गए. आपको बता दें कि जहां सड़क होनी चाहिए थी, वहां बीचों-बीच हैंडपंप खड़ा कर दिया गया. इस अजीबोगरीब निर्माण का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया. अब हर जगह यही सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो गई और जिम्मेदारों ने समय रहते ध्यान क्यों नहीं दिया गया.

सड़क चौड़ीकरण में हुई बड़ी चूक

यह पूरा मामला मीरजापुर के विंध्याचल इलाके का है, जहां दूधनाथ तिराहे से लेकर विंध्याचल तक सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है. यह सड़क मां विंध्यवासिनी मंदिर को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है, जिस पर नवरात्र से पहले काम पूरा करने की जल्दी थी. इसी जल्दबाजी में PWD के इंजीनियरों और ठेकेदारों ने सड़क किनारे लगे पुराने हैंडपंप को हटाने के बजाय सड़क का निर्माण कर दिया. इसका परिणाम यह हुआ कि जो हैंडपंप पहले सड़क के किनारे था, वह अब सड़क के बीचों-बीच आ गया है. सड़क बनने के करीब चार दिन बाद इसका वीडियो सामने आया, जिसने पूरे मामले को उजागर कर दिया. 

वीडियो वायरल होते ही हरकत में आया प्रशासन

जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, PWD विभाग में हड़कंप मच गया. लोगों की आलोचना और मीडिया में खबरें चलने के बाद विभाग ने आनन-फानन में कार्रवाई शुरू की और अब हैंडपंप को हटाने का काम किया जा रहा है. इसके अलावा यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या विभाग तब तक इंतजार करता रहता जब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हो जाता. स्थानीय लोगों में है आक्रोश

इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है. लोगों का कहना है कि यह स्पष्ट रूप से लापरवाही का मामला है जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता था. स्थानीय निवासी हरीश चंद्र कौशल ने कहा कि यह PWD की बड़ी चूक है. अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया जाता तो यहां गंभीर दुर्घटना हो सकती थी. उन्होंने बताया कि पहले हैंडपंप सड़क के किनारे था लेकिन सड़क चौड़ी होने के बाद यह बीच में आ गया. 

वहीं, एक और स्थानीय निवासी कृष्णा यादव ने कहा कि हैंडपंप बहुत पुराना है और पहले पटरी पर था. सड़क बनने के दौरान ही इसे हटाया जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं किया गया. उन्होंने यह भी कहा कि अब जब मामला वायरल हो गया है, तब जाकर विभाग कार्रवाई कर रहा है.

नवरात्र से पहले काम पूरा करने की जल्दबाजी पड़ी भारी

बताया जा रहा है कि नवरात्र से पहले सड़क निर्माण पूरा करने का दबाव था, क्योंकि यह मार्ग मां विंध्यवासिनी मंदिर तक जाता है और इस दौरान यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, इसी जल्दबाजी में सुरक्षा मानकों और बुनियादी सावधानियों को नजरअंदाज कर दिया गया, जिसका नतीजा यह लापरवाही बनकर सामने आया .

सवालों के घेरे में PWD और ठेकेदार

इस पूरे घटनाक्रम ने PWD अधिकारियों और ठेकेदारों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आखिर कैसे बिना निरीक्षण के सड़क का निर्माण पूरा कर दिया गया? क्या किसी अधिकारी ने मौके का निरीक्षण नहीं किया. फिलहाल, वीडियो वायरल होने के बाद हैंडपंप को हटाने का काम जारी है लेकिन यह मामला प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण बन गया है.

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