37 लाख रुपए या घर बनाने के लिए जमीन, कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार से प्रभावित परिवारों को मिलेगा लाभ

हिमाचल के विकास को नई उड़ान देने वाली कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार परियोजना के कारण विस्थापित होने वाले परिवारों के लिए प्रशासन ने राहत का पिटारा खोल दिया है। जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वासन एवं पुनव्र्यवस्थापन के लिए एक व्यापक और पारदर्शी योजना लागू की है।
इस योजना के पहले विकल्प में जमीन और मकान निर्माण सहायता के रूप में प्रत्येक विस्थापित परिवार को अपना घर बनाने के लिए 153.6 वर्ग मीटर (8 मरला) भूमि आबंटित की जाएगी, जिसके साथ मकान बनाने में मदद के तौर पर तीन लाख रुपए की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।
वहीं, दूसरे विकल्प यानी एकमुश्त नकद समाधान (वन टाइम सेटलमेंट) के तहत यदि कोई परिवार भूमि और अन्य पुनर्वास लाभ नहीं लेना चाहता, तो वह सीधे 37 लाख रुपए की एकमुश्त राशि प्राप्त कर सकता है। हालांकि इस विकल्प को चुनने के बाद परिवार किसी अन्य सरकारी लाभ का पात्र नहीं होगा।
एक अन्य महत्त्वपूर्ण फैसले के अनुसवार आबंटित की जाने वाली संपत्ति को पति और पत्नी के संयुक्त नाम पर दर्ज किया जा सकेगा। इसके अलावा जमीन या मकान की रजिस्ट्री पर लगने वाले स्टांप शुल्क और अन्य फीस का पूरा बोझ परियोजना प्राधिकरण उठाएगा, जिससे विस्थापितों पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। इस संबंध में कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि एयरपोर्ट विस्तार से प्रभावित होने वाला कोई भी परिवार बिना उचित मुआवजे या सहायता के न रहे ।
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