‘सपा सारी टिकटें मुस्लिमों को दे दे, तब भी हमें कोई दिक्कत नहीं’, अमित शाह ने फेंका हिंदू-मुस्लिम कार्ड तो भड़क गए अखिलेश यादव

Parliament : संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों को लेकर जारी बहस के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच जाति आधारित जनगणना और धर्म आधारित आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जोरदार बहस हुई।
गुरुवार को शुरू हुए इस विशेष सत्र में संसद में तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए गए। इनमें महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयक प्रमुख थे। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि सरकार ने जाति आधारित जनगणना का निर्णय ले लिया है और इस प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म आधारित आरक्षण असंवैधानिक है।
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने संसद में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 और परिसीमन विधेयक 2026 का कड़ा विरोध किया। उन्होंने मांग की कि महिला आरक्षण में पिछड़ी जाति की महिलाओं के लिए अलग से कोटा सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने उन विधेयकों का भी विरोध किया, जिनमें महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से अलग करने का प्रयास किया जा रहा है। अखिलेश यादव ने भी स्पष्ट कहा, “हम महिला आरक्षण के समर्थक हैं, लेकिन सरकार बताए कि जनगणना क्यों नहीं कराई जा रही?”
इस बीच, गृह मंत्री अमित शाह ने अखिलेश यादव के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बार सरकार ने जाति आधारित जनगणना कराने का फैसला किया है। शाह ने इस मुद्दे पर मजाकिया लहजे में कहा, “अगर समाजवादी पार्टी के बस में होता, तो वे हर घर को जातियों में बांट देते।”
अमित शाह ने समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव की मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण देने की मांग पर भी करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा, “धर्म के आधार पर आरक्षण देना पूरी तरह से असंवैधानिक है। हमारा संविधान इसकी इजाजत नहीं देता।” साथ ही, उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “समाजवादी पार्टी अपनी सभी टिकटें मुस्लिम महिलाओं को दे दे, इसमें हमें कोई आपत्ति नहीं है।”
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