गोरखपुर के दो सगे भाइयों को राजा और अली ने बकरा काटने वाले हथियार से मारा? अनीश की पत्नी ने कई राज खोले
Gorakhpur Crime News: परिवार का पेट पालने का सपना लेकर गोरखपुर से महाराष्ट्र के मालेगांव गए दो सगे भाई अनिल और अनीश निषाद की जिंदगी का सफर बेहद खौफनाक मोड़ पर खत्म हुआ. नासिक के मालेगांव में 7 अप्रैल की रात को जो हुआ उसकी कल्पना मात्र से रूह कांप जाती है. एक बंद कमरे के भीतर दो भाइयों को बकरा काटने वाले हथियार से हमला कर मार दिया जाता है. अनिल और अनीश के चाचा की मानें तो ये हमला राजा और अली नाम के दो युवकों ने की है. लेकिन इसके पीछे की असली वजह क्या थी ये अभी भी जांच का विषय बनी हुई है.
चाचा ने राजा और अली पर लगाए आरोप
मृतक भाइयों के चाचा दुर्गेश ने बताया कि रात करीब 2.30 बजे जब उनकी नींद खुली तो उन्होंने अनीश की चीख सुनी 'चाचा मुझे बचाओ. दुर्गेश ने जब बाहर आने की कोशिश की तो पता चला कि उनका कमरा बाहर से लॉक था. हमलावरों ने पहले चाचा को कैद किया और फिर बगल के कमरे में अनिल और अनीश पर बकरे काटने वाले हथियार (दरांती) से ताबड़तोड़ 20 से अधिक वार किए. दुर्गेश के मुताबिक, हमलावर राजा और अली नाम के दो लड़के थे. जब तक दरवाजा खुला और घायलों को अस्पताल ले जाया गया. तब तक दोनों भाइयों की मौत हो चुकी थी.
पत्नी का चौंकाने वाला खुलासा
इस हत्याकांड में नया मोड़ तब आया जब मृतक अनीश की पत्नी रागिनी ने कुछ गंभीर सवाल उठाए. रागिनी का आरोप है कि 'अनीश ने वीडियो कॉल पर बताया था कि जब भी उसे काम मिलता था तो उसके चाचा उससे जलते थे और हफ्तों बात नहीं करते थे. अनीश ने आखिरी कॉल पर बताया था कि उनके साथ कमरे में राजा नाम का युवक रहता था. रागिनी ने सवाल उठाया कि जब हत्या हुई. तब वहां क्या स्थिति थी? हत्या से ठीक पहले रात 1.10 बजे तक अनीश अपनी पत्नी से वीडियो कॉल पर बात कर रहा था. सब कुछ सामान्य था. फिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि उनकी जान ले ली गई?
गांव में मातम और परिवार में सन्नाटा
जब अनिल और अनीश के शव गोरखपुर पहुंचा तो पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया. अनीश की पत्नी गर्भवती है और उनका एक छोटा बच्चा भी है. बुजुर्ग मां की आंखें अब भी दरवाजे पर टिकी हैं मानो उनके बेटे अभी काम से वापस लौट आएंगे.
"जैसे मारा गया वैसे ही सजा मिले"
पीड़ित परिवार ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री मोदी से न्याय की गुहार लगाई है. पत्नी रागिनी का कहना है, "मुझे बस इंसाफ चाहिए. जैसे उन्होंने मेरे पति को मारा वैसे ही उन्हें सजा मिले. हालांकि मामला दूसरे राज्य महाराष्ट्र का होने के कारण कानूनी प्रक्रिया में देरी हो रही है जिससे परिजनों का आक्रोश और बढ़ गया है.
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