मां बनने के बाद क्यों बदल जाती है महिलाओं की चाहत? प्रसव के बाद यौन इच्छा में कमी का चौंकाने वाला सच आया सामने

प्रसव के बाद यौन इच्छा में कमी: एक सामान्य लेकिन कम चर्चा होने वाली समस्या
प्रसव के बाद यौन इच्छा में कमी दुनिया भर में लाखों महिलाओं द्वारा अनुभव की जाने वाली एक वास्तविक स्थिति है। अक्सर समाज में इस विषय पर खुलकर चर्चा नहीं होती, लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं के शरीर और मन में होने वाले बड़े बदलाव उनकी यौन इच्छा को प्रभावित कर सकते हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) सहित कई स्वास्थ्य संस्थानों के अनुसार, प्रसव के बाद यौन इच्छा में कमी एक स्वाभाविक प्रक्रिया हो सकती है। यह स्थिति कुछ हफ्तों से लेकर कई महीनों तक बनी रह सकती है।
ब्रिटिश रियलिटी टीवी स्टार और फिटनेस कोच होली हेगन ब्लिथ ने भी सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि बेटे के जन्म के बाद उन्होंने प्रसव के बाद यौन इच्छा में कमी का अनुभव किया। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें किसी भी प्रकार की शारीरिक अंतरंगता में रुचि नहीं थी।
जब मातृत्व के साथ बदलने लगती हैं भावनाएँ
माँ बनने के बाद जीवन पूरी तरह बदल जाता है। इस बदलाव का असर सिर्फ दिनचर्या पर ही नहीं बल्कि भावनात्मक और शारीरिक स्तर पर भी पड़ता है।
होली हेगन ब्लिथ ने एक पेरेंटिंग कार्यक्रम के दौरान बताया कि बेटे अल्फ़ा-जैक्स के जन्म के बाद उन्होंने स्पष्ट रूप से प्रसव के बाद यौन इच्छा में कमी महसूस की।
उन्होंने कहा:
“जब मैं अपने पति को गले लगाती या प्यार जताती, तो वह इसे अलग तरह से समझ लेते थे। लेकिन उस समय मैं सेक्स नहीं करना चाहती थी।”
यह अनुभव केवल एक महिला तक सीमित नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रसव के बाद यौन इच्छा में कमी कई महिलाओं में देखी जाती है और यह रिश्तों में असमंजस पैदा कर सकती है।
हार्मोनल बदलाव: प्रसव के बाद यौन इच्छा में कमी का बड़ा कारण
शरीर में तेज़ी से बदलते हार्मोन
प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञों के अनुसार प्रसव के बाद यौन इच्छा में कमी का सबसे बड़ा कारण हार्मोनल बदलाव होते हैं।
डॉ. जेनिफर लिंकन बताती हैं कि बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन का स्तर अचानक गिर जाता है।
इसके परिणाम
- योनि में सूखापन
- सेक्स के दौरान दर्द
- थकान और कमजोरी
- मूड में उतार-चढ़ाव
इन सभी कारणों की वजह से प्रसव के बाद यौन इच्छा में कमी होना स्वाभाविक है।
डॉ. लिंकन का कहना है कि लोग अक्सर रजोनिवृत्ति को हार्मोनल बदलाव का सबसे बड़ा चरण मानते हैं, लेकिन वास्तव में प्रसव के आसपास के दिनों में भी हार्मोन तेजी से बदलते हैं।
शरीर को ठीक होने में लगता है समय
प्रसव के बाद रिकवरी की प्रक्रिया
विशेषज्ञ बताते हैं कि प्रसव के बाद शरीर को पूरी तरह सामान्य होने में समय लगता है।
- गर्भाशय को अपनी सामान्य स्थिति में लौटने में लगभग 6 सप्ताह लगते हैं
- योनि या पेरिनियम की चोटें धीरे-धीरे ठीक होती हैं
- नींद की कमी और थकान भी शरीर को प्रभावित करती है
इन सभी कारणों से प्रसव के बाद यौन इच्छा में कमी होना बिल्कुल सामान्य है।
कई डॉक्टर नए माता-पिता को सलाह देते हैं कि वे शरीर के प्राकृतिक उपचार को समय दें और किसी भी प्रकार की जल्दबाजी से बचें।
रिश्तों में गलतफहमी क्यों बढ़ जाती है
संवाद की कमी बनती है समस्या
जब प्रसव के बाद यौन इच्छा में कमी होती है, तो कई बार साथी इसे व्यक्तिगत अस्वीकृति समझ लेते हैं।
होली हेगन ब्लिथ ने बताया कि उनके पति को भी शुरू में लगा कि शायद अब वह उन्हें पसंद नहीं करतीं।
उन्होंने कहा कि स्थिति तब बेहतर हुई जब उन्होंने अपने पति से खुलकर बात की।
उन्होंने अपने पति से कहा:
“यह तुम्हारे बारे में नहीं है। अभी मैं मानसिक और शारीरिक रूप से उसी स्थिति में नहीं हूँ।”
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रसव के बाद यौन इच्छा में कमी के दौरान खुला संवाद रिश्ते को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
क्या पुरुषों में भी बदल जाती है अंतरंगता की भावना?
दिलचस्प बात यह है कि यह स्थिति केवल महिलाओं तक सीमित नहीं होती।
कभी-कभी पुरुष भी बच्चे के जन्म के बाद अंतरंगता से दूर हो सकते हैं।
सेक्स और रिलेशनशिप थेरेपिस्ट रेचल गोल्ड के अनुसार, पिता बनने के साथ ही पुरुषों में जिम्मेदारी और चिंता की भावना बढ़ सकती है।
इसका असर उनकी यौन रुचि पर भी पड़ सकता है। इसलिए कुछ मामलों में प्रसव के बाद यौन इच्छा में कमी दोनों पार्टनर्स में देखी जा सकती है।
मानसिक और भावनात्मक दबाव भी जिम्मेदार
मातृत्व का भावनात्मक असर
बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं को कई मानसिक बदलावों से गुजरना पड़ता है।
- नींद की कमी
- बच्चे की देखभाल का दबाव
- शरीर के बदलते रूप को लेकर असुरक्षा
- प्रसवोत्तर अवसाद
इन सभी कारणों की वजह से प्रसव के बाद यौन इच्छा में कमी होना स्वाभाविक हो सकता है।
कुछ महिलाएं अपने शरीर में आए बदलावों को लेकर असहज महसूस करती हैं, जिससे आत्मविश्वास भी प्रभावित हो सकता है।
विशेषज्ञों की सलाह: कैसे संभालें यह स्थिति
1. धैर्य रखें
डॉक्टरों के अनुसार प्रसव के बाद यौन इच्छा में कमी अक्सर अस्थायी होती है और समय के साथ धीरे-धीरे सामान्य हो सकती है।
2. संवाद बनाए रखें
अपने साथी के साथ भावनाओं और जरूरतों के बारे में खुलकर बात करना बेहद जरूरी है।
3. धीरे-धीरे अंतरंगता बढ़ाएं
अंतरंगता का मतलब केवल सेक्स नहीं होता। गले लगाना, बातचीत करना और भावनात्मक जुड़ाव भी रिश्ते को मजबूत बनाता है।
4. जरूरत पड़े तो विशेषज्ञ की मदद लें
यदि प्रसव के बाद यौन इच्छा में कमी लंबे समय तक बनी रहे और रिश्ते में तनाव पैदा कर रही हो, तो कपल काउंसलिंग या सेक्स थेरेपी मददगार हो सकती है।
समाज को भी समझने की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रसव के बाद यौन इच्छा में कमी को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।
कई महिलाएं इस विषय पर बात करने से झिझकती हैं, जबकि यह एक सामान्य शारीरिक और मानसिक प्रक्रिया है।
अगर परिवार और साथी इस बदलाव को समझें और समर्थन दें, तो महिलाओं के लिए इस दौर से गुजरना काफी आसान हो सकता है।
मातृत्व जीवन का एक महत्वपूर्ण और भावनात्मक चरण है, लेकिन इसके साथ कई शारीरिक और मानसिक बदलाव भी आते हैं। प्रसव के बाद यौन इच्छा में कमी इन्हीं बदलावों का एक हिस्सा हो सकती है।
चिकित्सकों का कहना है कि इसे बीमारी या समस्या के रूप में नहीं बल्कि एक प्राकृतिक प्रक्रिया के रूप में समझना चाहिए।
समय, संवाद और समझदारी से अधिकांश दंपति इस दौर से सफलतापूर्वक गुजर सकते हैं।
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