‘कहीं युद्ध क्षेत्र से भटकर… कोई मिसाइल तो नहीं आ गिरी’, इटावा की घटना पर अखिलेश यादव बोले- ‘पता नहीं ड्रोन उड़ेगा कि नहीं..’

Etawah : उत्तर प्रदेश में इटावा के सैफई इलाके के नंदपुर गांव में अचानक एक ड्रोन हेलीकॉप्टर गिरने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। यह घटना उस समय हुई जब ड्रोन गेहूं के खेत में गिरा, जिसमें लाइट्स भी जल रही थीं। जैसे ही यह खबर आसपास के इलाकों में फैल गई, वहां मौजूद ग्रामीणों में भारी चिंता और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना में अखिलेश यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
मंगलवार देर शाम को हुई इस घटना के दौरान, ड्रोन खेत के बीच गिरा और उसकी लंबाई लगभग 2 से 3 फीट बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस और एसडीएस सैफई की टीम तुरंत पहुंची। उन्होंने आसपास के ग्रामीणों को सतर्क किया और ड्रोन से दूरी बनाने की अपील की। मौके से पुलिस ने ड्रोन का मलबा भी बरामद किया है, जिसे जांच के लिए ले जाया गया है। इस घटना से आसपास के खेत में थोड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है, लेकिन किसी जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कहा जा रहा है कि यह ड्रोन मौसम विभाग का हो सकता है, लेकिन इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि खराब मौसम के कारण इस ड्रोन में तकनीकी खराबी आई और यह नीचे गिर गया। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की सलाह दी है।
अखिलेश यादव ने कहा- कहीं युद्ध क्षेत्र से भटकर मिसाइल तो नहीं आ गिरी
इस घटना पर समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तीखे शब्दों में बीजेपी सरकार पर कटाक्ष किया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा,“युद्ध के वातावरण में अचानक किसी खेत में एक बड़े ड्रोन के गेहूं के खेत में गिरने से इटावा जिले के सैफई इलाके के नंदपुर गाँव में दहशत और अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने सोचा कहीं कोई मिसाइल तो नहीं, जो युद्ध क्षेत्र से भटक कर यहाँ आ गिरी है। अगर ये किसी सरकारी परीक्षण-टेस्ट या एक्सपेरिमेंट का हिस्सा है, तो प्रदेश के नागरिकों को पहले से सूचना देकर आगाह करना चाहिए था। जब ये विश्वास ही नहीं है कि ड्रोन उड़ेगा कि नहीं, तो आम लोगों के इलाके में इसे उड़ाने का जोखिम क्यों उठाया गया? कहीं ये खेत की बजाय आस-पास की किसी बस्ती पर गिर जाता, तो जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था।”
अखिलेश यादव ने आगे कहा,
“सरकार इस मामले की जांच कराए और किसान के खेत में हुई आर्थिक हानि और मानसिक आघात का उचित मुआवजा दे। भविष्य में ऐसे सभी परीक्षणों को निर्दिष्ट निर्जन क्षेत्रों में किया जाना चाहिए। बीजेपी सरकार में कोई भी परीक्षण सफल क्यों नहीं हो पाता है? सैफई की जनता कह रही है कि जब भाजपाई ड्रोन नहीं उड़ा पा रहे हैं, तो जहाज क्या उड़ाएंगे। बीजेपी ने जिस रनवे को राजनीतिक विद्वेषवश बिना रखरखाव के छोड़ दिया है, उसकी भी समीक्षा होनी चाहिए।”
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