मेरठ से दिल दहला देने वाली घटना, घर में मृत बेटी का शव छोड़ हरिद्वार घूमता रहा पिता, आखिर उसे किस बात का डर था!
चाय की दुकान से खुला राज
मृतका प्रियंका बिस्वास के पिता उदय भान बिस्वास शिक्षा विभाग से रिटायर्ड हैं, जो पिछले साल दिसंबर से लापता थे. शुक्रवार को उनके भतीजे ने उन्हें मेरठ की बेगम बाग कॉलोनी में एक चाय की दुकान पर देखा. जब रिश्तेदारों ने प्रियंका के बारे में पूछा तो उदय भान ने झूठ बोला कि वह देहरादून के अस्पताल में भर्ती है. शक होने पर जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो उन्होंने सच उगल दिया कि प्रियंका की मौत महीनों पहले हो चुकी है और उसका शव घर के अंदर ही है.
तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास का एंगल
परिजनों के अनुसार, प्रियंका को काला पीलिया (जौंडिस) था. उदय भान डॉक्टरों के बजाय झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र से उसका इलाज करा रहे थे. दिसंबर 2025 में उसकी मौत हो गई. पुलिस को कमरे से परफ्यूम की बोतलें और रद्दी का ढेर मिला है. आशंका है कि शव की दुर्गंध छिपाने के लिए स्प्रे का इस्तेमाल किया गया था.
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ताला तोड़ा. कमरे के अंदर प्रियंका का शव कंकाल में तब्दील हो चुका था. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. उदय भान मूल रूप से बंगाल के रहने वाले हैं. उनकी पत्नी ने भी करीब 12 साल पहले घर में आत्महत्या कर ली थी.
सीओ कैंट नवीना शुक्ला ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह बीमारी से मौत का मामला लग रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी.
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