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‘गोली मत मारो, मैं मुसलमान हूं…’, बंदूक की नोक पर 17 जिंदगियां, होर्मुज पार करते ही समुद्री लुटेरों ने हाईजैक किया ऑयल टैंकर

दुबई/मोगादिशु। समंदर के बीच जिंदगी और मौत के बीच फंसे एक तेल टैंकर के कप्तान की कहानी ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करने के कुछ ही घंटों बाद समुद्री लुटेरों के हमले का शिकार बने ऑयल टैंकर हॉनर 25 के कप्तान अशारी समादिकॉन की दास्तान अब पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गई है।

जब हथियारबंद समुद्री डाकुओं ने जहाज को चारों तरफ से घेर लिया और बंदूक कप्तान की ओर तान दी, तब उन्होंने कांपती आवाज में सिर्फ इतना कहा—“गोली मत मारो, मैं मुसलमान हूं…”। यह शब्द उस भयावह पल की गवाही बन गए, जब एक इंसान अपनी पहचान बताकर मौत से बचने की कोशिश कर रहा था।

यूएई से शुरू हुआ था सफर

इंडोनेशियाई कप्तान अशारी समादिकॉन 2 अप्रैल को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से तेल लेकर रवाना हुए थे। जहाज पर भारी मात्रा में कच्चा तेल लदा था और उसे सुरक्षित बंदरगाह तक पहुंचाना था। लेकिन उस समय खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता तनाव, लाल सागर में अस्थिरता और सोमालिया के तट के पास दोबारा सक्रिय हो रहे समुद्री लुटेरों ने पूरे समुद्री मार्ग को बेहद खतरनाक बना दिया था।

होर्मुज पार करते ही हुआ हमला

कप्तान के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के करीब पहुंचते ही माहौल असामान्य लगने लगा था। समुद्र पर अचानक अजीब सन्नाटा छा गया। फिर कुछ ही देर बाद जहाज पर हमला हुआ। हमलावरों ने पहले गोले दागे, जिससे अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद हथियारबंद लोग जहाज पर चढ़ आए।

कुछ समय तक चालक दल को यह समझ ही नहीं आया कि यह आतंकी हमला है, लूटपाट है या समुद्री डकैती। लेकिन जल्द ही हालात साफ हो गए। हमलावरों ने पूरे जहाज को अपने कब्जे में ले लिया और सभी चालक दल के सदस्यों को एक जगह इकट्ठा कर दिया।

“मैं मुसलमान हूं…” कहकर बचाई जान

जब बंदूक कप्तान अशारी की तरफ तानी गई, तब उन्होंने घबराकर अपनी जान बचाने के लिए कहा—“गोली मत मारो, मैं मुसलमान हूं।” कुछ पल के लिए हमलावर रुके और फिर चालक दल को बंधक बना लिया गया।

सभी मोबाइल फोन छीन लिए गए, रिकॉर्डिंग बंद करा दी गई और बाहरी दुनिया से संपर्क लगभग खत्म हो गया।

परिवार को नहीं थी पूरी सच्चाई

इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप पर स्थित अपने गांव में कप्तान का परिवार शुरुआत में इस खतरे से अनजान था। पत्नी सैंटी समादिकॉन को फोन पर यही बताया गया कि सब सामान्य है। कप्तान बच्चों को भरोसा दिलाते रहे कि “अल्लाह की रहमत से सब ठीक होगा।”

लेकिन कुछ दिनों बाद एक वॉइस मैसेज ने परिवार की दुनिया बदल दी। संदेश में कप्तान ने कहा, “मेरे जहाज को समुद्री लुटेरे घेर रहे हैं…”। इसके बाद संपर्क टूट गया।

सोमालिया के तट पर बना ‘तैरता जेल’

हमले के बाद Honor 25 को सोमालिया के तट की ओर मोड़ दिया गया। जहाज पर मौजूद 17 चालक दल के सदस्य—जो भारत, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, श्रीलंका और म्यांमार से थे- अब बंधक बन चुके थे।

जहाज धीरे-धीरे एक “तैरते हुए जेल” में बदल गया। चालक दल के सदस्यों को सीमित बातचीत की अनुमति थी और हर गतिविधि पर समुद्री डाकुओं की नजर थी।

फिर लौट रहा है समुद्री डकैती का खौफ

विशेषज्ञों का कहना है कि सोमालिया के तट पर समुद्री डकैती का खतरा एक बार फिर बढ़ रहा है। 2000 के दशक में यह इलाका दुनिया का सबसे खतरनाक समुद्री क्षेत्र माना जाता था। 2011 तक हालात इतने खराब थे कि दर्जनों जहाज एक साथ बंधक बना लिए जाते थे।

हालांकि बाद में अंतरराष्ट्रीय नौसेनाओं की सख्त कार्रवाई से हालात काफी हद तक नियंत्रित हो गए थे। लेकिन अब लाल सागर में हूती हमलों और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण समुद्री सुरक्षा कमजोर पड़ी है, जिसका फायदा समुद्री लुटेरे उठा रहे हैं।

जहाज पर नहीं थे सुरक्षा इंतजाम

बताया गया है कि Honor 25 पर कोई सशस्त्र सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं था। जहाज मालिकों ने बाद में स्वीकार किया कि उन्हें इतने बड़े खतरे की आशंका नहीं थी।

बंधक बनने के बाद चालक दल के लिए हर दिन डर और अनिश्चितता से भरा हो गया। कुछ समय बाद कप्तान को परिवार से थोड़ी बातचीत की अनुमति दी गई, लेकिन फिर समुद्री डाकुओं ने संपर्क सीमित कर दिया।

घर लौटने का इंतजार

इंडोनेशिया में कप्तान अशारी के पिता हर दिन बेटे की सलामती की दुआ कर रहे हैं। परिवार को उम्मीद है कि वह ईद से पहले घर लौट आएंगे। लेकिन समंदर अब भी खामोश है।

“गोली मत मारो, मैं मुसलमान हूं…”—यह सिर्फ एक कप्तान की गुहार नहीं, बल्कि उस डर की कहानी बन गई है जहां समुद्र के बीच कानून कमजोर पड़ जाता है और इंसान अपनी पहचान के सहारे जिंदगी बचाने की कोशिश करता है।

आज भी हॉनर 25 सोमालिया के तट के आसपास कहीं खड़ा बताया जा रहा है, और उसके भीतर मौजूद लोग सिर्फ एक सवाल का जवाब तलाश रहे हैं- क्या यह सफर कभी घर लौट पाएगा?

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