‘मेरा रेप करो…’ एक्स गर्लफ्रेंड का टिंडर अकाउंट बनाकर सबको भेज दिया ये मैसेज, दुषकर्म करने पहुंचे घर पहुंच गए 18 लोग.

ब्रीटेन से एक बेहद डरावना और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया और पुलिस सिस्टम दोनों को हिला कर रख दिया है। एक व्यक्ति ने अपनी पूर्व प्रेमिका से बदला लेने के लिए ऐसी खतरनाक साजिश रची, जिसके तहत उसने महिला के नाम से फर्जी डेटिंग प्रोफाइल बनाकर अनजान पुरुषों को मैसेज भेज दिया कि मेरा रेप करो, इस मैसेज पढ़कर 18 पुरुष उसके घर पहुंच गए।
इस पूरी घटना में कम से कम 18 पुरुष महिला के घर तक पहुंच गए, जिनमें से कुछ ने हिंसक व्यवहार तक किया। इस मामले ने यूके में ऑनलाइन सेफ्टी और साइबर स्टॉकिंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला
कोर्ट में पेश किए गए तथ्यों के अनुसार, आरोपी 36 वर्षीय आसद हुसैन (Greater Manchester, Cheetham Hill निवासी) ने अप्रैल 2024 में महिला से संपर्क किया था। शुरुआत में दोनों के बीच रिश्ता बना, लेकिन धीरे-धीरे आरोपी का व्यवहार अत्यधिक नियंत्रित और आक्रामक होता गया।
एक घटना में उसने महिला के घर की घंटी लगातार दो घंटे तक बजाई, क्योंकि उस समय महिला के घर पर उसका एक पुरुष मित्र मौजूद था। इस हरकत के बाद स्थिति बिगड़ती चली गई और पुलिस को भी हस्तक्षेप करना पड़ा।
रिश्ता खत्म होते ही शुरू हुआ बदला
मई 2024 में महिला ने यह रिश्ता खत्म कर दिया। इसके बाद आरोपी ने बदले की भावना से महिला की निजी जिंदगी को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
आरोपी ने न सिर्फ महिला के दोस्तों और उसकी बेटी से संपर्क कर उसके चरित्र पर सवाल उठाए, बल्कि एक खतरनाक साइबर साजिश भी रच डाली।
फर्जी Tinder अकाउंट और खतरनाक संदेश
जांच में सामने आया कि आरोपी ने महिला के नाम से एक फर्जी Tinder प्रोफाइल बनाई और उसमें ऐसे भड़काऊ और हिंसक संदेश डाले, जिनमें पुरुषों को यह विश्वास दिलाया गया कि महिला उनसे शारीरिक संबंध चाहती है और उन्हें उसके घर आने के लिए आमंत्रित किया गया है।
इन संदेशों में “rape” जैसे खतरनाक संकेत भी शामिल थे, जिसने अनजान पुरुषों को भ्रमित कर दिया।
इसके बाद अलग-अलग समय पर 18 पुरुष महिला के घर पहुंच गए। एक ही रात में चार अलग-अलग पुरुष उसके घर आ गए। एक व्यक्ति ने दरवाजा तोड़ने की कोशिश की, जबकि एक अन्य व्यक्ति घर के अंदर तक घुस गया, उस समय महिला की बेटी भी घर के अंदर मौजूद थी।
पुलिस की जांच और आरोपी की चालाकी
Cheshire Police के अनुसार, आरोपी ने खुद को बचाने के लिए कई तकनीकी हथकंडे अपनाए। उसने अलग-अलग मोबाइल फोन इस्तेमाल किए, अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की और यहां तक कि कार की नंबर प्लेट भी बदल दी ताकि पुलिस उसे ट्रैक न कर सके।
पीसी कीथ टेरिल ने कहा कि यह एक “साइबर स्टॉकिंग और मनोवैज्ञानिक उत्पीड़न” का गंभीर मामला है, जिसने महिला की जिंदगी में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया।
कोर्ट का फैसला और आगे की कार्रवाई
यह मामला चेस्टर क्राउन कोर्ट में नौ दिन चली सुनवाई के बाद सामने आया, जहां आरोपी को स्टॉकिंग का दोषी पाया गया है। उसकी सजा जून में सुनाई जाएगी।
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