खेजुरी में भारी बवाल, 60 से अधिक दुकानों में लगाई गई आग; अभिषेक बनर्जी और महुआ मोइत्रा ने BJP पर साधा निशाना.

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर जिले के खेजुरी क्षेत्र में भीषण हिंसा और आगजनी की घटना ने राज्य की सियासत में उबाल ला दिया है। निचकसाबा ग्राम पंचायत के हिजली शरीफ इलाके में उपद्रवियों ने 60 से अधिक दुकानों को आग के हवाले कर दिया और जमकर तोड़फोड़ की। इस घटना को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और सांसद महुआ मोइत्रा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है।
अभिषेक बनर्जी का हमला: ‘यह बंगाल के सामाजिक ताने-बाने पर प्रहार’
घटना के बाद अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर आक्रोश जाहिर करते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश करार दिया। उन्होंने लिखा, “क्या आप ‘भय’ को बाहर निकालने की योजना इसी तरह बना रहे हैं? बंगाल को आग के हवाले करके?” उन्होंने आगे कहा कि खेजुरी में जो कुछ हुआ, वह बर्बरता की पराकाष्ठा है।
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि:
- BJP समर्थित उपद्रवियों ने जानबूझकर 60 से ज्यादा दुकानों को आग लगाई।
- इस आगजनी में हिंदू और मुसलमान, दोनों समुदायों के लोगों की रोजी-रोटी तबाह हो गई।
- यह हमला बंगाल की साम्प्रदायिक सद्भाव और लोकतांत्रिक ढांचे को बिगाड़ने के लिए किया गया है।
- BJP की राजनीति का असली चेहरा नफरत और तबाही फैलाना है।
महुआ मोइत्रा ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने भी इस मुद्दे पर केंद्र और राज्य के सुरक्षा दावों को घेरा। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ‘परिवर्तन की शपथ’ के अगले दिन भी बंगाल के हालात चिंताजनक बने हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब खेजुरी में खुलेआम दुकानों को जलाया जा रहा था, तब 700 केंद्रीय सुरक्षा बलों की कंपनियां कहां थीं? मोइत्रा ने सीधे तौर पर BJP पर आरोप लगाया कि उनके ‘गुंडों’ ने साम्प्रदायिक माहौल खराब करने के लिए इस घटना को अंजाम दिया है।
खेजुरी में तनाव, सुरक्षा बल तैनात
हिजली शरीफ इलाके में हुई इस आगजनी के बाद स्थानीय लोगों में भारी दहशत और आक्रोश है। पीड़ित दुकानदारों का कहना है कि उनकी जीवन भर की कमाई राख हो गई है। पुलिस ने इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया है और दंगाइयों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शुभेंदु अधिकारी के प्रभाव वाले इस क्षेत्र में हुई हिंसा आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति को और अधिक गरमा सकती है।
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