बहन बताकर अपनी पत्नी की दूसरे मर्द से करा दी शादी, बाद ब्लैकमेल कर ठग लिए 6 लाख.

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शादी के नाम पर धोखाधड़ी और जालसाजी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। झांसीरोड थाना पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो फर्जी रिश्तों और शादी के जरिए लोगों से लाखों रुपये की ठगी करता था। इस मामले में मुख्य आरोपी अजय उर्फ सोनू चौहान को गिरफ्तार कर लिया गया है।
‘मुंहबोली बहन’ बताकर रचाई साजिश
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी अजय चौहान ने अपनी ही दूसरी पत्नी राधा उर्फ दीक्षा को गरीब और अनाथ बताकर एक अन्य व्यक्ति रतन शर्मा से शादी करवा दी। पीड़ित परिवार को यह बताया गया कि वह उसकी मुंहबोली बहन है और उसके लिए एक अच्छा रिश्ता ढूंढा जा रहा है।
शादी में खर्च कराए लाखों रुपये
रिश्ता तय होने के बाद 27 अप्रैल को दोनों की धूमधाम से शादी कराई गई। इस दौरान शादी, गहनों और अन्य खर्चों के नाम पर पीड़ित परिवार से करीब 6 लाख रुपये वसूले गए। इसके अलावा ब्यूटी पार्लर और अन्य तैयारियों के नाम पर 50 हजार रुपये अतिरिक्त लिए गए।
व्हाट्सएप चैट से खुला सच
शादी के बाद जब दुल्हन के व्यवहार पर शक हुआ तो परिवार ने उसका मोबाइल चेक किया। व्हाट्सएप चैट से बड़ा खुलासा हुआ, जिसमें सामने आया कि राधा उर्फ दीक्षा असल में अजय चौहान की पत्नी है। दोनों ने पहले से ही शादी कर रखी थी और एक साथ रह रहे थे।
ब्लैकमेलिंग की थी पूरी योजना
पुलिस के अनुसार यह पूरा मामला सुनियोजित साजिश का हिस्सा था। शादी के बाद पीड़ित परिवार को दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा के झूठे केस में फंसाकर पैसे ऐंठने की योजना थी। आरोपी का मकसद बाद में ब्लैकमेल कर और रकम वसूलना था।
पहले से शादीशुदा था आरोपी
जांच में यह भी सामने आया है कि अजय चौहान की पहली शादी 2009 में हो चुकी है और उसके बच्चे भी हैं। दूसरी पत्नी के साथ मिलकर उसने यह पूरा फर्जीवाड़ा रचा था।
पुलिस ने शुरू की जांच
झांसीरोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव ने बताया कि मुख्य आरोपी अजय चौहान को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि यह मामला शादी के नाम पर बड़े पैमाने पर की गई धोखाधड़ी और संगठित अपराध का उदाहरण है, जिसकी गहराई से जांच की जा रही है।
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