‘बंगाल में BJP सत्ता में आई तो…’ बांग्लादेशी सांसद के बयान से भारत में मचा बवाल, शरणार्थियों पर बड़ा संकट

West Bengal Election 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर बांग्लादेश की संसद में दिए गए एक बयान ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। बांग्लादेश के रंगपुर सीट से नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के सांसद अख्तर हुसैन ने पश्चिम बंगाल में संभावित भाजपा सरकार को लेकर चिंता जताते हुए ऐसे बयान दिए हैं, जिनके बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
एग्जिट पोल के बाद बढ़ी चर्चा
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान पूरा हो चुका है और 4 मई को नतीजे आने हैं। ज्यादातर एग्जिट पोल्स में भाजपा को बढ़त और संभावित जीत की ओर इशारा किया गया है। इसी बीच इस राजनीतिक हलचल की गूंज अब पड़ोसी देश बांग्लादेश तक पहुंच गई है।
बांग्लादेशी सांसद का विवादित बयान
बांग्लादेश की संसद में बोलते हुए NCP सांसद अख्तर हुसैन ने कहा कि अगर पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है तो इसका असर बांग्लादेश पर भी पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि इससे शरणार्थी संकट पैदा हो सकता है और ढाका को मानवीय व आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ सकता है।
अख्तर हुसैन ने कहा, “अगर पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनाती है तो वे उन लोगों को सीमा पार भेज सकते हैं, जिन्हें वह अवैध घुसपैठिया मानते हैं। इससे बांग्लादेश में बड़ा शरणार्थी संकट खड़ा हो सकता है।”
‘कांगलू’ शब्द को लेकर भी विवाद
अपने बयान में सांसद ने ‘कांगलू’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए कथित तौर पर बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासियों का जिक्र किया। उनके इस शब्द और बयान को लेकर भी विवाद गहरा गया है।
भारत-बांग्लादेश संबंधों पर असर की आशंका
सांसद के बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस छिड़ गई है। कई लोगों ने इसे राजनीतिक बयान बताते हुए खारिज किया है, जबकि कुछ ने इसे दोनों देशों के संबंधों पर असर डालने वाला बयान बताया है।
बंगाल चुनाव पर टिकी नजरें
पश्चिम बंगाल में इस बार रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया है। 29 अप्रैल को दूसरे चरण में 92.47% वोटिंग हुई, जिससे कुल औसत मतदान 92.85% तक पहुंच गया। अब सभी की नजरें 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं, जो तय करेंगे कि राज्य की सत्ता किसके हाथ में जाएगी।
फिलहाल बांग्लादेशी सांसद के बयान ने चुनावी माहौल के बीच एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है और यह मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
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