‘हमारे माता-पिता नहीं हैं…’ चलती बस में बच्चों को छोड़ प्रेमी संग फरार मां, नोट ने सबको किया भावुक.

महाराष्ट्र : महाराष्ट्र के बीड जिले से रिश्तों को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। यहां एक महिला अपने दो मासूम बच्चों को चलती एसटी बस में लावारिस हालत में रोता-बिलखता छोड़कर अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई। भागने से पहले उसने बच्चों की जेब में एक ऐसा नोट रख दिया, जिसे पढ़कर बस कंडक्टर और पुलिस दोनों भावुक हो गए।
जानकारी के अनुसार, महिला को कुछ समय पहले उसके पति ने छोड़ दिया था, जिसके बाद वह अपने दो बच्चों के साथ रह रही थी। इसी दौरान उसका बीड के ही एक युवक से प्रेम संबंध बन गया और दोनों ने साथ भागने की योजना बना ली। इसके लिए उन्होंने पंढरपुर–संभाजीनगर एसटी बस को चुना। जैसे ही बस बीड के पास पहुंची, महिला ने मौका पाकर दोनों बच्चों को सीट पर छोड़ दिया और चुपचाप उतर गई, जहां बाहर उसका प्रेमी स्कूटी लेकर उसका इंतजार कर रहा था। इसके बाद दोनों वहां से फरार हो गए।
बस में मां को न पाकर बच्चे जोर-जोर से रोने लगे। स्थिति देखकर कंडक्टर ने जब बच्चों से पूछताछ की तो पता चला कि उनके साथ कोई बड़ा नहीं है। तलाशी लेने पर बच्चों की जेब से एक पर्ची मिली, जिस पर लिखा था— “इन बच्चों के माता-पिता नहीं हैं, इन्हें यवतमाल जाने वाली बस में बिठा दीजिए।” साथ ही महिला ने यवतमाल में रहने वाले बच्चों के नाना का मोबाइल नंबर भी लिखा था।
कंडक्टर ने तुरंत इंसानियत दिखाते हुए पुलिस को सूचना दी और दोनों बच्चों को सुरक्षित सौंप दिया। पुलिस ने जब नोट पर दिए गए नंबर पर संपर्क किया तो वह बच्चों के नाना का निकला। बच्चों को यवतमाल से बीड बुलाया गया, लेकिन जो आगे हुआ उसने सभी को हैरान कर दिया।
थाने में जब नाना पहुंचे तो उन्होंने बच्चों को अपनाने से साफ इनकार कर दिया। बच्चों को गले लगाने के बजाय उन्होंने पुलिस से अपनी बेटी के बारे में पूछना शुरू किया और कहा कि वह घर से स्कूटी और नकदी लेकर भागी है, उसे पहले वापस लाया जाए। उनका कहना था कि उन्हें अपने पोते-पोतियों से ज्यादा अपनी संपत्ति की चिंता है।
बताया जा रहा है कि महिला के पिता ने पहले ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी घर से नकदी और गाड़ी लेकर भाग गई है। इस पूरी घटना ने न सिर्फ रिश्तों की संवेदनहीनता को उजागर किया है, बल्कि समाज को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर इंसानियत किस दिशा में जा रही है।
No comments