ताला गायब होने पर 13 साल के बेटे को खौलती धूप में लाठियों से पीटा, हाथ-पैर बांध गर्म बालू पर सुलाया; तड़प-तड़प कर हुई मौत
औरंगाबाद : बिहार के औरंगाबाद जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए. यहां महज एक मामूली सा ताला गायब होने के विवाद में एक कलयुगी पिता और सौतेली मां ने मिलकर अपने ही 13 साल के मासूम बेटे को ऐसी खौफनाक सजा दी कि उसकी तड़प-तड़प कर जान चली गई. पत्थर दिल पिता ने कड़कती धूप में मासूम को लाठियों से पीटने के बाद उसके हाथ-पैर बांध दिए और जलती हुई गर्म रेत पर सुला दिया. इतना ही नहीं, गुनाह छिपाने के लिए लाश को 7 किलोमीटर दूर ले जाकर नदी किनारे दफना दिया. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता और सौतेली मां को गिरफ्तार कर लिया है.
पुनपुन नदी के किनारे रेत की खुदाई कर निकाला गया मासूम का शव
यह रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला उपहारा थाना क्षेत्र का है. वारदात का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने अरवल जिले के बंशी थाना क्षेत्र में स्थित पुनपुन नदी के किनारे से 13 वर्षीय बच्चे का शव बरामद किया. दरअसल, स्थानीय ग्रामीणों को नदी के रेत घाट पर गुपचुप तरीके से शव दफनाए जाने की भनक लग गई थी, जिसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में नदी किनारे रेत की खुदाई करवाई, जहां से मासूम का शव बरामद हुआ. पुलिस ने शव को तुरंत कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
स्कॉर्पियो और बाइक से ठिकाने लगाई लाश, गाड़ियों की तलाश जारी
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में बेहद चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं. मासूम की घर पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो जाने के बाद आरोपियों ने इस संगीन अपराध को पूरी तरह छिपाने की साजिश रची. बच्चे की लाश को घर से करीब 7 किलोमीटर दूर नदी तक ले जाने के लिए एक मोटरसाइकिल और एक स्कॉर्पियो SUV गाड़ी का इस्तेमाल किया गया था. पुलिस अब वारदात और लाश को ठिकाने लगाने में इस्तेमाल किए गए इन दोनों वाहनों को जब्त करने के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.
मौसी ही बनी सौतेली मां, महज एक ताला खोने पर शुरू हुआ था विवाद
थाना प्रभारी आकाश कुमार के मुताबिक, मृतक बच्चे की पहचान 13 वर्षीय खेसरिया कुमार के रूप में हुई है, जो राजेश चौधरी उर्फ मुंगड़ी चौधरी का बेटा था. जांच में पता चला है कि खेसरिया की सगी मां की मौत के बाद उसके पिता ने अपनी साली यानी बच्चे की सगी मौसी मंजू देवी से दूसरी शादी की थी. मौसी से सौतेली मां बनी मंजू देवी के साथ खेसरिया का घर से एक ताला गायब होने को लेकर विवाद हुआ था. मंजू देवी ने इस छोटी सी बात का बतंगड़ बनाते हुए अपने पति मुंगड़ी चौधरी से बच्चे की शिकायत कर दी, जिसके बाद पिता गुस्से से पूरी तरह अंधा हो गया.
रहम की भीख मांगता रहा लाडला, तवे जैसी जलती रेत पर घोंट दिया दम
परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, शिकायत सुनते ही पिता मुंगड़ी चौधरी ने आव देखा न ताव और कड़कती धूप के बीच अपने ही कलेजे के टुकड़े को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया. सिर और बदन पर लाठियां पड़ने से बच्चा लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा. वह लगातार रोते हुए अपने हाथ जोड़कर पिता से अपनी जान बख्श देने की भीख मांगता रहा, लेकिन हैवान बने पिता का दिल नहीं पसीजा.
सजा के नाम पर क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए पिता ने बच्चे के हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए और उसे तवे जैसी तपती हुई गर्म रेत पर लेटने के लिए मजबूर कर दिया. असहनीय दर्द और धूप के कारण मासूम खेसरिया वहीं बेहोश हो गया. इलाज कराने के बजाय उसे उसी हाल में तपने के लिए छोड़ दिया गया, जहां तड़पते-तड़पते उसने दम तोड़ दिया.
आरोपी माता-पिता गिरफ्तार, चौकीदार के बयान पर FIR दर्ज
दाउदनगर के एसडीपीओ अशोक कुमार दास ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बताया कि मुख्य आरोपी पिता राजेश चौधरी और सौतेली मां मंजू देवी को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है. पुलिस की टीमें उनसे कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं. फिलहाल स्थानीय चौकीदार महबूब आलम के लिखित बयान के आधार पर उपहारा थाने में हत्या, प्रताड़ना और साक्ष्य (सबूत) छिपाने की गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की अंतिम वजह पूरी तरह साफ हो जाएगी और इस घिनौने अपराध में शामिल किसी भी अन्य मददगार को बख्शा नहीं जाएगा.

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