मां-बाप या मैं… इस जिद ने तोड़ा घर, जज की एक बात से दो साल बाद एक हुए पति पत्नी

Greater Noida : ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर क्षेत्र में सास-ससुर के साथ रहने के विवाद को लेकर अलग हुए पति-पत्नी आखिरकार दो साल बाद फिर एक हो गए। यह मामला राष्ट्रीय लोक अदालत में पहुंचा, जहां परिवार न्यायालय की समझाइश से दोनों के बीच सुलह कराई गई।
जानकारी के अनुसार, युवक की शादी वर्ष 2022 में बुलंदशहर निवासी ज्योति से हुई थी। शुरुआती समय में सब ठीक रहा, लेकिन बाद में सास-ससुर के साथ रहने को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। पत्नी अपने सास-ससुर के साथ नहीं रहना चाहती थी, जबकि पति अपने बुजुर्ग माता-पिता को छोड़ने के लिए तैयार नहीं था।
इसी बात पर तनाव बढ़ता गया और पति-पत्नी के बीच रोजाना झगड़े होने लगे। विवाद इतना बढ़ा कि महिला अपने बेटे के साथ मायके चली गई और फिर वापस नहीं लौटी। उसने पति पर अपने माता-पिता से अलग रहने का दबाव बनाया, लेकिन पति ने इससे इनकार कर दिया।
इसके बाद मामला बढ़ते हुए पारिवारिक न्यायालय और कानूनी प्रक्रिया तक पहुंच गया। महिला ने पति और सास-ससुर पर प्रताड़ना के आरोप भी लगाए, जिसके चलते दोनों पिछले दो वर्षों से अलग रह रहे थे।
मामला राष्ट्रीय लोक अदालत में पहुंचने के बाद परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश चंद्र प्रकाश तिवारी ने दोनों पक्षों को समझाया। उन्होंने रिश्तों की अहमियत और बच्चे के भविष्य का हवाला देते हुए दोनों को बातचीत के लिए प्रेरित किया।
लंबी समझाइश के बाद दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से विवाद खत्म करने का निर्णय लिया। इसके बाद महिला दो साल बाद अपने पति के साथ ससुराल लौट गई।
लोक अदालत में हुए इस समझौते की वहां मौजूद लोगों ने सराहना की। लोगों का कहना था कि ऐसी अदालतें न केवल कानूनी विवाद सुलझाती हैं, बल्कि टूटते परिवारों को जोड़ने का भी महत्वपूर्ण काम करती हैं।
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