Recent Posts

Breaking News

विधायकों की हर पांच साल बाद होती है परीक्षा, CBSE स्कूल नेरवा के छात्र के सवाल पर सीएम का दिलचस्प जवाब

सीबीएसई स्कूल नेरवा के छात्र के सवाल पर सीएम सुखविंदर सुक्खू का दिलचस्प जवाब

स्टाफ रिपोर्टर — नेरवा

शिमला के नेरवा स्कूल में जब एक छात्र ने सीएम से पूछा कि विधायक बनने के लिए कोई परीक्षा क्यों नहीं होती, तो सीएम सुक्खू ने इसका बहुत ही बेहतरीन उत्तर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र हर साल परीक्षा देते हैं, लेकिन विधायकों की परीक्षा हर पांच वर्ष में होती है और जनता चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवारों का भाग्य तय करती है। गौर हो कि कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को शिमला जिला के नेरवा स्कूल के विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालय के सीबीएसई संस्थान बनने के बाद नेरवा स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस स्कूल को सीबीएसई में कन्वर्ट करने के बाद यहां एडमिशन 341 बच्चों की बढ़ी है और कुल संख्या 1291 हो गई हैं।

उन्होंने कहा कि नेरवा में पांच करोड़ रुपए की लागत से नया स्कूल भवन निर्मित किया जाएगा, जिसका निर्माण कार्य दो वर्षों के भीतर पूरा किया जाएगा। दसवीं कक्षा के छात्र विहीन चौहान ने पूछा कि विधायक बनने के लिए कोई परीक्षा क्यों नहीं होती। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को परीक्षाओं के लिए तैयार करते हैं, लेकिन विधायक बनने की ‘परीक्षा’ के लिए कोई तैयारी नहीं करवाता। उन्होंने कहा कि यह परीक्षा हर पांच वर्ष में होती है और जनता चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवारों का भाग्य तय करती है। मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखते हुए छात्र वैभव ने कहा कि वह भी एक दिन अवश्य चुनाव लड़ेगा।

मुख्यमंत्री को लोग ‘योद्धा’ इसलिए कहते हैं

संवाद के दौरान 11वीं की छात्रा सारा नेगी ने मुख्यमंत्री से पूछा कि लोग उन्हें ‘योद्धा’ क्यों कहते हैं। इस प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि वह भी एक साधारण परिवार से आते हैं और उन्होंने जीवनपर्यन्त संघर्ष किया है। जीवन में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और किसी कार्य में असफलता भी मिलती हैं, लेकिन जो व्यक्ति बार-बार असफल होने के बावजूद निरंतर कड़ी मेहनत करना जारी रखता है वह अंतत: अपने लक्ष्य को प्राप्त करता है और सच्चा विजेता बनकर उभरता है।

हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाना सर्वाेच्च प्राथमिकता

बारहवीं कक्षा की छात्रा जेसिका ने राज्य के लिए उनके सबसे बड़े लक्ष्य के बारे में सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में भी सीबीएसई स्कूल खोले जा रहे हैं। छात्रा अनुष्का ने आईटी विद्यार्थियों के लिए व्यावसायिक पाठयक्रमों की तर्ज पर ऑन-जॉब ट्रेनिंग की व्यवस्था करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सुझाव पर विचार किया जाएगा।

स्कूलों में विदेशी भाषाएं पढ़ाएगी प्रदेश सरकार

मोबाइल फोन के उपयोग के संबंध में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से सवाल पूछा कि क्या कोई छात्र स्कूल में मोबाइल फोन लेकर आता है। सभी विद्यार्थियों ने ‘नहीं’ में उत्तर दिया, जिससे पूरे पंडाल में हंसी का माहौल बन गया। 11वीं कक्षा के छात्र वैभव चौहान ने कस्बों में ट्रैफिक जाम की समस्या उठाते हुए कहा कि जाम के कारण विद्यार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि एक बाईपास सडक़ का निर्माण किया जाएगा। छात्रा अदिति सूद ने सुझाव दिया कि स्कूलों में विदेशी भाषाएं भी पढ़ाई जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 12वीं के बाद विदेशी भाषाएं सीखने के अवसर उपलब्ध करवाने के प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने बच्चों के साथ किया भोजन

मुख्यमंत्री सुक्खू ने विद्यालय के निरीक्षण के बाद विद्यार्थियों के साथ भोजन भी किया। उन्होंने कहा कि सीबीएसई प्रणाली में शामिल होने के बाद नेरवा स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है

No comments