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चंगाई सभा या लालच का जाल? उरई में धर्मांतरण के लिए लखनऊ ले जाई जा रही भरी बस VHP ने पकड़ी, 22 महिलाएं हिरासत में

उरई, जालौन: उत्तर प्रदेश में अवैध धर्मांतरण के खिलाफ जारी सख्त कार्रवाई के बीच जालौन जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जिले के कुठौंद थाना क्षेत्र में बुधवार देर शाम विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों ने कथित रूप से धर्म परिवर्तन के लिए ले जाई जा रही एक पूरी बस को रंगे हाथों पकड़ लिया. बस में सवार महिलाओं समेत 22 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है. आरोप है कि इन गरीब परिवारों को इलाज, पैसों और विभिन्न प्रकार की मदद का झांसा देकर लखनऊ ले जाया जा रहा था.

ग्रामीणों को बस में भरते देख गहराया शक, ऐसे हुआ भंडाफोड़

जानकारी के मुताबिक, यह पूरा घटनाक्रम कुठौंद थाना क्षेत्र के मदारीपुर गांव के पास का है. सिरसा थाना क्षेत्र के ऊधगांव से धर्मांतरण का एक कथित नेटवर्क संचालित होने की खबर सामने आ रही थी. इस नेटवर्क से जुड़े लोग गांव-गांव जाकर आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब परिवारों को निशाना बना रहे थे. बुधवार की शाम जब मदारीपुर गांव से कई ग्रामीणों को एक निजी बस में बैठाया जाने लगा, तो स्थानीय युवाओं को कुछ अजीब लगा.

मध्यप्रदेश तक फैले इस संदिग्ध नेटवर्क की मुखबिरी करने में स्थानीय जांबाज युवकों सचिन शर्मा और दीपेंद्र शुक्ला ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने तुरंत इसकी भनक विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों और स्थानीय पुलिस को दी.

विहिप कार्यकर्ताओं ने घेराबंदी कर बस चालक को दबोचा

सूचना मिलते ही विश्व हिंदू परिषद के अनिकेत, हिमांशु दीक्षित, पंकज शुक्ला, विनोद, विपुल द्विवेदी और विवेक सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए. कार्यकर्ताओं ने तत्काल घेराबंदी कर बस को रोक लिया और चाबी छीनकर चालक को दबोच लिया. देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और देर रात तक इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही.

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी (CO) शैलेंद्र बाजपेई, एसडीएम जालौन और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने तुरंत बस को अपने कब्जे में लिया और उसमें सवार लोगों से पूछताछ शुरू कर दी.

इलाज और पैसों के लालच में फंस गए थे भोले-भाले ग्रामीण

शुरुआती जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि बस में सवार अधिकांश लोग बेहद गरीब परिवारों से ताल्लुक रखते हैं. इन्हें कथित रूप से किसी ‘चंगाई सभा’ या प्रार्थना सभा के नाम पर लखनऊ ले जाया जा रहा था. इसके एवज में उन्हें मुफ्त इलाज, आर्थिक मदद और बेहतर भविष्य का बड़ा लालच दिया गया था. पुलिस को बस में सवार यात्रियों की एक लिस्ट भी सौंपी गई है. पुलिस अब इन सभी के मोबाइल नंबर, कॉल डिटेल और पिछले कुछ दिनों के संपर्क सूत्रों को खंगालने में जुट गई है.

पुलिस हिरासत में ली गई महिलाओं की सूची

पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए बस में सवार मुख्य संयोजक समेत 22 महिलाओं को हिरासत में लिया है. हिरासत में ली गई प्रमुख महिलाओं में:

  • पूनम (निवासी किशोरा), माधुरी (उंगपुरा), विमला (मथेरी)
  • पुष्पा (रेंढ़ा), निर्मला (लाड़रा), राजकुमारी (बाबूपुरा)
  • अंजली सिंह (कंचनपुर), सरोज (मानपुरा), सोनेश (तोंडरपुर)
  • अमला (बींजपुरा), गुड्डी देवी (कंचनपुर), मुनु (बाबूपुरा)
  • उषा (सिहौरा), बिंदली (हररूपुर), रीना (इंदरपुरा)
  • विद्या (इटका), किरण (ग्राम उरई), राखी (लोहई) शामिल हैं.

इसके अलावा पुलिस ने बस के साथ मौजूद मुख्य संयोजक राजा सिंह (निवासी मानपुरा) को भी दबोचा है.

मध्यप्रदेश तक फैले हैं तार, गहनता से जांच में जुटी एजेंसियां

पुलिस के आला अधिकारियों के मुताबिक, इस नेटवर्क के तार पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश से भी जुड़े होने की आशंका है. आरोपी राजा सिंह के फोन रिकॉर्ड और बैंक खातों की गहराई से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस पूरे सिंडिकेट को फंडिंग कहां से हो रही थी. अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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