सिर्फ चोटी ही दिखती है…इस बार पौंग झील से बाहर नहीं निकल पाई बाथू दी लड़ी

Bathu ki Ladi: पौंग बांध के बीच पांडवों द्वारा अज्ञातवास के दौरान निर्मित की गई ऐतिहासिक बाथू दी लड़ी इस बार पौंग झील से बाहर नहीं निकल पाई है। हालांकि इस ऐतिहासिक स्थल की चोटी झील से बाहर निकली है और इसको देखने के लिए रोजाना काफी पर्यटक आ रहे हैं। इस ऐतिहासिक स्थल पर प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए हैं, जिससे हर समय अनहोनी घटना घटित होने का अंदेशा बना रहता है।
दूरदराज से आने वाले पर्यटक झील के पानी की गहराई का पता न होने बावजूद भी पानी में उतर कर सेल्फी ले रहे हैं, जबकि कुछ पर्यटक नहाने के लिए झील में उतर जा रहे हैं तथा ऐसे में कभी भी कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है। चेतावनी बोर्ड और गाइड की कमी के कारण बाहर से आने वाले लोगों को पानी की गहराई का अंदाजा नहीं मिल पाता, जिससे वे अनजाने में ही अपनी जान जोखिम में डाल देते हैं।
हर समय मंडराते खतरे के बीच पर्यटकों का इस तरह पानी में उतरना किसी बड़ी अनहोनी को सरेआम दावत देने जैसा है। स्थानीय जनता ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि बाथू की लड़ी परिसर और घाटों के आसपास तुरंत चेतावनी बोर्ड स्थापित किए जाएं और पर्यटकों को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए पुलिस कर्मियों की स्थायी तैनाती की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी मासूम की जान को सुरक्षित रखा जा सके और किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।
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