सोमवार तक होगी जिला परिषद-बीडीसी की शपथ, पंचायतों के लिए अभी सीएम के फैसले का इंतजार

हिमाचल में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के बाद अब शपथ ग्रहण को लेकर स्थितियां साफ होने लगी हैं। जिला परिषद और बीडीसी के लिए शपथ सोमवार आठ जून तक करवानी होगी। यह नियमों में ही प्रावधान है कि रिजल्ट घोषित होने के एक सप्ताह में शपथ हो जानी चाहिए। इसी अनुसार शिमला में छह जून और कांगड़ा व लाहुल स्पीति ने सोमवार की तारीख तय की है। बाकी जिलों में भी शेड्यूल बन रहा है।
जिला परिषद के लिए शपथ डीसी दिलाएंगे और बीडीसी की शपथ एसडीएम करवाएंगे। ग्राम पंचायत प्रधान और उपप्रधान को मुख्यमंत्री विशेष कार्यक्रम में शपथ दिलाएंगे, जबकि पंचायत वार्ड सदस्यों को संबंधित पंचायतों के प्रधान शपथ दिलाएंगे। जहां तक पंचायतों की बात है, तो चुने गए 31,182 नए जनप्रतिनिधियों के शपथ ग्रहण पर सरकार के फैसले का इंतजार है। विभाग ने फाइल मुख्यमंत्री को भेज दी है। सीएम के कर्नाटक से लौटने के बाद तिथि तय होगी।
इससे पहले की बात करें,तो यह शपथ राज्य के तीनों मंडलों यानी धर्मशाला, मंडी और शिमला में होती रही है। कई बार सभी को शिमला बुलाकर भी शपथ करवाई गई है। पंचायती राज विभाग ने सभी परंपराओं और खर्चे का हवाला देते हुए फाइल मुख्यमंत्री को भेज दी है। अब सीएम के लौटने के बाद फैसले का इंतजार है।
गौर हो कि हिमाचल प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव संपन्न होने के बाद गांवों की नई सरकार की तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज अधिनियम, 1994 के सेक्शन-128 के अनुसार पंचायत प्रतिनिधियों को मानदेय उनकी पहली आधिकारिक बैठक की तिथि से देय होगा।
यह बैठक राज्य सरकार द्वारा निर्धारित की जाती है। सूत्रों के अनुसार पंचायतों के गठन और शपथ ग्रहण की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद 15 जून के बाद नए प्रतिनिधियों का कार्यकाल शुरू होने की संभावना है। पहली बैठक आयोजित होते ही सभी निर्वाचित प्रतिनिधि मानदेय के पात्र बन जाएंगे।
जिला परिषद अध्यक्ष को मिलेगा सर्वाधिक मानदेय
पंचायतीराज संस्थाओं में सबसे अधिक मानदेय जिला परिषद अध्यक्ष को 25 हजार रुपए प्रतिमा मिलेगा। जिप उपाध्यक्ष को 19 हजार रुपए तथा जिला परिषद सदस्य को 8,300 रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। पंचायत समिति अध्यक्ष को 12 हजार रुपए, उपाध्यक्ष को नौ हजार रुपए तथा प्रत्येक सदस्य को 7,500 रुपए प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। ग्राम पंचायत प्रधान को 7,500 रुपए तथा उपप्रधान को 5,100 रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। इसके अलावा पंचायत बैठकों में भाग लेने वाले वार्ड सदस्यों को प्रति बैठक 1,050 रुपए की बैठक भत्ता राशि मिलेगी।
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