कानपुर में बीटेक गोल्ड मेडलिस्ट छात्र ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखा- 'सॉरी पापा... 50 बार कोशिश की, फिर भी सरकारी नौकरी नहीं मिली'
उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद दुखद और चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां बीटेक में गोल्ड मेडल हासिल करने वाले 23 वर्षीय छात्र ने कथित तौर पर अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है। पुलिस को मौके से एक हस्तलिखित सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें छात्र ने अपने पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि उसने सरकारी नौकरी पाने के लिए लगभग 50 बार प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। प्रारंभिक जांच में पुलिस मानसिक तनाव को इस घटना का प्रमुख कारण मान रही है, हालांकि मामले की विस्तृत जांच जारी है।
घर में अकेला था छात्र, बंद कमरे में मिला शव
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान आनंद (23) के रूप में हुई है। वह कानपुर के गोविंद नगर थाना क्षेत्र के गुजैनी इलाके में अपने परिवार के साथ रहता था। घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य घर पर मौजूद नहीं थे। बताया गया कि आनंद का परिवार बड़े भाई अमित की शादी तय करने के सिलसिले में बिहार गया हुआ था और वह घर में अकेला था।
रोज की तरह घर में काम करने वाली महिला सफाई और अन्य काम के लिए पहुंची। उसने आनंद के कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। कई बार आवाज लगाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो उसे अनहोनी की आशंका हुई। उसने तुरंत पड़ोसियों को सूचना दी और बाद में पुलिस को बुलाया गया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। कमरे के भीतर आनंद का शव छत के पंखे से लटका मिला। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कमरे से मिला पांच पंक्तियों का सुसाइड नोट
घटनास्थल की तलाशी के दौरान पुलिस को पांच पंक्तियों का एक हस्तलिखित सुसाइड नोट मिला। पुलिस के अनुसार नोट में आनंद ने अपने पिता से क्षमा मांगते हुए लिखा कि उसने सरकारी नौकरी पाने के लिए लगभग 50 बार विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो सका।
सुसाइड नोट में लिखा गया संदेश बेहद भावुक बताया जा रहा है। उसमें उसने अपने पिता के लिए "सॉरी पापा" लिखते हुए असफलता का दर्द व्यक्त किया। पुलिस ने नोट को जांच के लिए सुरक्षित रख लिया है और उसकी हैंडराइटिंग का भी सत्यापन कराया जाएगा।
बीटेक में था कॉलेज टॉपर, मिला था गोल्ड मेडल
जानकारी के अनुसार आनंद ने वर्ष 2024 में कानपुर के एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज पीएसआईटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई पूरी की थी। वह अपने कॉलेज का टॉपर था और पूरे उत्तर प्रदेश में तीसरी रैंक प्राप्त करने का दावा किया गया है।
उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 13 अगस्त 2024 को आयोजित कॉलेज के दीक्षांत समारोह में उसे स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) से सम्मानित किया गया था। कॉलेज में उसकी पहचान एक मेधावी और मेहनती छात्र के रूप में थी। शिक्षकों और सहपाठियों का कहना है कि वह पढ़ाई में बेहद गंभीर रहता था और भविष्य को लेकर बड़ी योजनाएं रखता था।
अप्रेंटिसशिप के बाद शुरू की थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
मृतक के पिता राजकुमार ने बताया कि बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद आनंद ने पावर सेक्टर से जुड़ी एक कंपनी के साथ लगभग एक वर्ष की अप्रेंटिसशिप भी की थी। इसके बाद उसने सरकारी नौकरी हासिल करने का लक्ष्य बनाकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी।
परिवार के अनुसार उसने रेलवे, एसएससी, बैंकिंग, बिजली विभाग तथा शिक्षा विभाग सहित विभिन्न सरकारी भर्तियों की परीक्षाओं में हिस्सा लिया। हालांकि लगातार प्रयासों के बावजूद उसे अंतिम चयन में सफलता नहीं मिल सकी।
पिता का कहना है कि प्रत्येक असफलता के बाद वह दोबारा मेहनत करता था, लेकिन समय के साथ उस पर मानसिक दबाव बढ़ता चला गया।
पिता बोले- कई महीनों से तनाव में था बेटा
आनंद के पिता राजकुमार इस घटना से पूरी तरह टूट चुके हैं। उन्होंने बताया कि उनका बेटा बेहद मेहनती था और हमेशा सरकारी नौकरी पाने का सपना देखता था।
उनके अनुसार लगातार परीक्षाओं में असफल होने के कारण वह पिछले कई महीनों से तनाव में रहने लगा था। परिवार उसे समझाने की कोशिश करता था कि सफलता देर से भी मिल सकती है, लेकिन वह स्वयं पर बहुत अधिक दबाव महसूस कर रहा था।
परिजनों का कहना है कि उन्हें इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि आनंद इतना बड़ा कदम उठा सकता है।
पुलिस कर रही है सभी पहलुओं की जांच
गोविंद नगर थाना पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया गया है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मोबाइल फोन, दस्तावेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है ताकि घटना से जुड़ी हर परिस्थिति स्पष्ट हो सके।
पुलिस ने यह भी कहा कि फिलहाल किसी तरह की साजिश या बाहरी हस्तक्षेप के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।
बिहार से है परिवार का मूल निवास
आनंद का परिवार मूल रूप से बिहार के बक्सर जिले का रहने वाला है। उसके पिता राजकुमार एक निजी कंपनी से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं और लंबे समय से कानपुर में रह रहे थे।
परिवार बड़े बेटे के विवाह संबंधी कार्यक्रम के लिए बिहार गया हुआ था। इसी दौरान यह दुखद घटना हो गई। सूचना मिलने के बाद परिजन तुरंत कानपुर लौटे। शनिवार शाम को भैरव घाट पर आनंद का अंतिम संस्कार किया गया।
प्रतियोगी परीक्षाओं का बढ़ता दबाव बना चिंता का विषय
यह घटना एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं पर बढ़ते मानसिक दबाव की ओर ध्यान आकर्षित करती है। सरकारी नौकरियों की सीमित संख्या, कड़ी प्रतिस्पर्धा और लगातार असफलताओं के कारण कई अभ्यर्थी निराशा और तनाव का सामना करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए परिवार का भावनात्मक सहयोग, समय-समय पर मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान और असफलता को जीवन का अंतिम सत्य न मानने की सोच विकसित करना बेहद आवश्यक है। सफलता और असफलता दोनों जीवन का हिस्सा हैं, और आवश्यकता पड़ने पर मनोवैज्ञानिक या परामर्शदाता की सहायता लेना भी एक सकारात्मक कदम हो सकता है।
फिलहाल जांच जारी
पुलिस ने मामले की जांच जारी रखने की बात कही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, आनंद की असामयिक मृत्यु ने उसके परिवार, मित्रों और परिचितों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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