पति ने दी जान तो भी नहीं आई पत्नी, कहती थी- मर जाओगे तो चेहरा तक नहीं देखूंगी, वीडियो ने उड़ाए होश
कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला गया।
मोबाइल की वीडियो रिकॉर्डिंग चालू देख पिता व अन्य स्वजन के पैरों तले से जमीन खिसक गई। पिता की तहरीर पर पुलिस ने दिवंगत की पत्नी रागिनी, फुफेरे साले सूरज, साले रवि राठौर व एक अन्य ससुराल की सोनी पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की है।
यह है पूरा मामला
सदर क्षेत्र के मगरवारा निवासी 28 वर्षीय पवन राठौर की शादी पांच साल पहले कानपुर नगर के बिल्हौर क्षेत्र के उत्तरीपुर गांव में रहने वाली रागिनी से हुई थी। पवन एक होर्डिंग बैनर के कारखाने में नौकरी करता था।
बुजुर्ग पिता सुनील राठौर मां मधू और चार साल की बेटी के साथ रहता था। 20 दिन पहले पवन का अपनी पत्नी रागिनी से विवाद हुआ था। इसके बाद रागिनी मासूम बेटी को ससुराल में छोड़कर मायके वालों के साथ चली गई थी। पवन लगातार उसे लाने का प्रयास कर रहा था पर वह नहीं आ रही थी। इससे पवन परेशान चल रहा था।
दाेपहर लगभग एक बजे पवन कमरे में गया और छत पर पर रखी टिन शेड के पाइप में नायलान की रस्सी बांधकर लटक गया। मौत से पहले उसने अपने मोबाइल को टेबल पर रखकर उसका वीडियो ऑन कर दिया था।
फंदे से लटकते वक्त उसने अपनी मौत का जिम्मेदार पत्नी रागिनी और उसके फुफेरे भाई सूरज को बताया। उसके सारे आरोप वीडियो में रिकॉर्ड हो गए। काफी देर तक पवन के कमरे से बाहर न निकलने पर मां मधू उसे बुलाने पहुंची।
काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई उत्तर न मिलने पर मुहल्ले के लोगों की मदद से दरवाजे को तोड़ दिया गया। अंदर बेटे पवन का शव लटका देख सभी की चीख निकल गई।
वहीं, टेबल पर मोबाइल रखा मिला, जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग चल रही थी। रिकॉर्डिंग बंद कर जब वीडियो देखा तो सभी सन्न रह गए। जानकारी पर पुलिस ने फाेरेंसिक टीम के साथ जांच कर मोबाइल कब्जे में ले लिया।
पिता ने तहरीर देकर बताया कि उसकी बहू की अपने फुफेरे भाई से गहरी नजदीकी थी। पवन के विरोध करने पर बहू झगड़ा करती थी। इसी बात को लेकर 20 दिन पहले झगड़ा हुआ और बहू मायके चली गई।
सदर कोतवाल चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि पिता सुनील की तहरीर पर दिवंगत पवन की पत्नी रागिनी, फुफेरे साले समेत चार पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की गई है।उधर पवन की मौत के बाद मासूम बेटी के सिर से पिता का साया उठ गया। बाबा-दादी ने उसे सहारा दिया।
बहू कहती थी मर गए तो नहीं देखूंगी चेहरा, आई भी नहीं
दिवंगत पवन के चाचा संजय ने बताया कि जब भी बहू और पवन के बीच झगड़ा होता था, वह ताना मारती थी कि मर जाओगे तो चेहरा तक नहीं देखूंगी। पवन की माैत के बाद उसने यहां न आकर पूर्व में जो कहा करके दिखा दिया।
ससुराल वालों के लगातार उत्पीड़न से तंग आकर ही पवन ने फंदा लगाकर जान दे दी। पवन के चार मिनट के वीडियो में सारे साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
No comments