'दिल्ली में अशांति फैलाने वाले लोगों को किसने फंडिंग की?' CJP की 'फाइव-स्टार' होटल पार्टी पर सुप्रीम कोर्ट के वकील ने उठाए सवाल..
इन वीडियो में सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका कुछ अन्य लोगों के साथ, बॉलीवुड गानों पर नाचते हुए दिखाई दिए। यह घटना नीट पेपर लीक विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पद छोड़ने के बाद की है। वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'सच में? सीजेपी की लीडरशिप एक होटल में जीत का जश्न मना रही है! दिल्ली में कई दिनों तक हिंसा होने के बाद, ये तथाकथित युवा एक्टिविस्ट गाना बजाकर नाचने लगे।'
उन्होंने आगे पूछा, 'इस पूरे आंदोलन के दौरान यात्रा, खाने-पीने, रहने की जगह, साजो-सामान का खर्च किसने उठाया? दिल्ली में अशांति फैलाने वाले लोगों को किसने फंडिंग की।'
कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने वकील महेश जेठमलानी के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, 'हम महेश जेठमलानी को सलाह देते हैं कि शांत रहें, मुंह बंद रखें इसमें उन्हीं का लाभ है और उनकी पार्टी का लाभ है। सही वक्त पर बोलना अच्छा होता है और गलत वक्त पर बोलना में बहुत नुकसान होता है। यह बात उन्हें समझ लेनी चाहिए।'
सौरव दास ने वीडियो पर क्या कहा?
इस मामले पर सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने सफाई दी है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'इससे साफ पता चलता है कि सरकार Gen Z और युवा पीढ़ी की भाषा बिल्कुल नहीं समझते। हम जितनी देर चाहें सड़क पर बैठ सकते हैं। हम नाचते-गाते हुए भी विरोध कर सकते हैं। हम कोल्ड कॉफी पीते हुए भी लोगों को इकट्ठा कर सकते हैं। हम बदलाव के लिए लड़ सकते हैं, भले ही हमारा तरीका वैसा न हो जैसा पिछली पीढ़ियां किसी आंदोलन के लिए सोचती थीं।'
सौरव दास ने आगे कहा, 'यह पीढ़ी ऐसी ही है। कॉन्फिडेंट, क्रिएटिव, मुश्किलों का सामना करने वाली और ऐसी जिसे किसी एक सांचे में नहीं ढाला जा सकता। अंकल-आंटी शिकायत करते रह सकते हैं। उन्हें बस हमें झेलना ही होगा।'
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