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ग्वालियर की 'किसिंग कार' में नया ट्विस्ट: 1 नहीं 3 महिलाओं ने कार पर किए थे 3400 Kiss, हुआ इतने का चालान

ग्वालियर की 'किसिंग कार' में नया ट्विस्ट: 1 नहीं 3 महिलाओं ने कार पर किए थे 3400 Kiss, हुआ इतने का चालान

Gwalior News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर की सड़कों पर दौड़ी सफेद रंग की कथित ‘किसिंग कार’ का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है. सोशल मीडिया पर 55 लाख से अधिक व्यूज बटोरने वाली इस कार को लेकर अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है.

अब तक माना जा रहा था कि कार पर करीब 3,400 किस के निशान कार मालिक की एक महिला मित्र ने बनाए थे, लेकिन अब कार मालिक ने खुद सार्वजनिक बयान देकर इस रहस्य से पर्दा उठाया है. कार के मालिक आदित्य सिकरवार ने ताजा बातचीत में खुलासा किया कि कार को सजाने और अलग दिखाने का आइडिया किसी एक लड़की का नहीं, बल्कि उसकी तीन महिला मित्रों का था.

सोशल मीडिया पर रातों-रात वायरल होने और ज्यादा से ज्यादा व्यूज हासिल करने की सनक में तीनों महिला दोस्तों ने मिलकर लिपस्टिक से कार की पूरी बॉडी पर 3,400 के करीब किस के निशान बना डाले थे. आदित्य के मुताबिक, यह पूरी कवायद सिर्फ रीलबाजी और लोगों का ध्यान खींचने के लिए की गई थी.

पुलिस ने ढीली कराई जेब, उतरवाए किस के निशान

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जहां आदित्य को खूब पब्लिसिटी मिली, वहीं ग्वालियर पुलिस की नजर भी इस ‘किसिंग कार’ पर पड़ गई. ट्रैफिक पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए गाड़ी को रोका और मौके पर ही आदित्य सिकरवार से कार पर छपे लिपस्टिक के सभी निशान साफ करवाए. इसके साथ ही ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर 5,500 रुपये का भारी-भरकम चालान भी काट दिया. वाहन में इस तरह का बदलाव करना कानूनन भारी पड़ सकता है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के तहत की गई है.

धारा 52 (स्वरूप में बदलाव पर रोक): इस धारा के तहत कोई भी वाहन मालिक अपनी गाड़ी में ऐसा कोई बदलाव (कलर या बॉडी मॉडिफिकेशन) नहीं कर सकता, जिससे उसका मूल स्वरूप बदल जाए या जो RC (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) में दर्ज जानकारी से अलग हो. बिना अथॉरिटी को 14 दिन के भीतर सूचित किए बदलाव करना अवैध है.

धारा 182A(4) और 177 (सजा व जुर्माना): यदि कोई नियम तोड़कर गाड़ी के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ करता है, तो उसे 6 महीने तक की जेल या 5,000 रुपये का जुर्माना हो सकता है. साथ ही पहली बार कानून तोड़ने पर धारा 177 के तहत 500 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जाता है.

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