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यूपी की महिलाओं और बेटियों की खुली किस्मत, योगी सरकार दे रही 3 बड़े धांसू तोहफे

यूपी की महिलाओं और बेटियों की बल्ले-बल्ले! योगी सरकार की इन 3 बड़ी योजनाओं से खाते में आएंगे सीधे पैसे, जानें कैसे लें फायदा

उत्तर प्रदेश सरकार राज्य की महिलाओं और बेटियों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं का सबसे बड़ा फायदा यह है कि पात्र परिवारों को आर्थिक सहायता की राशि सीधे उनके बैंक खाते में (DBT के माध्यम से) ट्रांसफर की जाती है।

बेटी की पढ़ाई-लिखाई से लेकर उसके हाथ पीले करने तक और मुश्किल वक्त में महिलाओं के घरेलू खर्च संभालने तक, यूपी सरकार की ये 3 प्रमुख योजनाएं बेहद मददगार साबित हो रही हैं।

1. मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना

प्रदेश में बेटियों के जन्म को बढ़ावा देने, भ्रूण हत्या रोकने और उनकी शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत पात्र बेटी को अलग-अलग 6 चरणों में वित्तीय सहायता दी जाती है।

इसमें बच्ची के जन्म, समय पर टीकाकरण, पहली कक्षा, छठवीं कक्षा, नौवीं कक्षा में प्रवेश और 12वीं पास करने के बाद उच्च शिक्षा या डिप्लोमा कोर्स में दाखिला लेने पर आर्थिक मदद देने का प्रावधान है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए परिवार की वार्षिक आय सरकार द्वारा निर्धारित सीमा (3 लाख रुपये तक) में होनी चाहिए और सामान्य तौर पर एक परिवार की अधिकतम दो बेटियां ही इसका लाभ ले सकती हैं।

2. निराश्रित महिला पेंशन योजना

पति की मृत्यु के बाद आर्थिक तंगी और सामाजिक परेशानियों का सामना कर रही महिलाओं को संबल देने के लिए निराश्रित महिला पेंशन योजना बेहद कारगर साबित हो रही है।

इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को सरकार की ओर से हर महीने 1,000 रुपये की पेंशन दी जाती है। यह राशि सीधे Direct Benefit Transfer (DBT) के जरिए लाभार्थी महिला के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे उन्हें अपने रोजमर्रा के छोटे-मोटे खर्चों के लिए किसी दूसरे पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।

3. मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना

गरीब, जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी में आने वाले खर्च के बोझ को कम करने के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना चलाई जा रही है।

इस योजना के अंतर्गत पात्र कन्या के विवाह के लिए कुल 1 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान किया गया है। इसमें से 64 हजार रुपये सीधे दुल्हन के बैंक खाते में भेजे जाते हैं, 21 हजार रुपये की उपहार सामग्री (विवाह के सामान) दी जाती है और 15 हजार रुपये आयोजन के खर्च के लिए तय किए गए हैं।

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