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4 कत्ल के बाद 7 घंटे तक उसी घर में क्या करते रहे हत्यारे? खीरा-खजूर, नशा और नहाने की कहानी ने खोला खौफनाक राज..

  

4 कत्ल के बाद 7 घंटे तक उसी घर में क्या करते रहे हत्यारे? खीरा-खजूर, नशा और नहाने की कहानी ने खोला खौफनाक राज


रंगपुर: बांग्लादेश के रंगपुर शहर में एक हिंदू परिवार के चार सदस्यों की हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। मृतकों में 65 वर्षीय रिटायर्ड स्कूल शिक्षक गणपति चक्रवर्ती, उनकी पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती, उनकी बेटी आगमी चक्रवर्ती और 12 वर्षीय बेटे प्रियम चक्रवर्ती की पहचान हुई है।

चारों के शव 22 अगस्त की रात उनके घर से बरामद किए गए थे। इस मामले में पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया है और पूछताछ के दौरान उनके कथित कबूलनामे के आधार पर हत्या की वजह और घटनाक्रम सामने आने का दावा किया है।

पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में मामला लूट जैसा दिखाई दे रहा था, क्योंकि घर के अंदर सामान बिखरा हुआ था, अलमारियां और दराजें खुली थीं तथा बिजली का कनेक्शन काट दिया गया था। लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने दावा किया कि हत्या की शुरुआत घर की छत पर नशीली गोली 'याबा' लेने को लेकर हुए विवाद से हुई। पुलिस के अनुसार, दोनों संदिग्ध युवक गणपति चक्रवर्ती के घर की छत पर याबा ले रहे थे। गणपति ने उन्हें ऐसा करने से रोकने की कोशिश की। इसके बाद कथित तौर पर दोनों ने एक-एक करके परिवार के चारों सदस्यों की हत्या कर दी।

चारों मोबाइल बंद मिले, तब बढ़ी परिवार की चिंता

परिजनों के मुताबिक, परिवार से आखिरी संपर्क 21 अगस्त की दोपहर हुआ था। इसके बाद परिवार के चारों मोबाइल फोन बंद मिलने लगे। जब काफी समय तक कोई संपर्क नहीं हुआ तो रिश्तेदार शनिवार रात उनके घर पहुंचे। घर का मुख्य दरवाजा बंद था और अंदर की लाइटें भी बंद थीं। संदेह होने पर पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस के पहुंचने के बाद घर का ताला तोड़ा गया। अंदर प्रवेश करने पर चारों के शव अलग-अलग स्थानों पर मिले। घटनास्थल से दुर्गंध भी आ रही थी, जिससे संकेत मिला कि हत्या को कुछ समय बीत चुका था। पुलिस और सीआईडी ने मौके को घेरकर जांच शुरू की तथा शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।

छत पर याबा लेने से शुरू हुआ विवाद

रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर मोहम्मद अब्दुल माबूद के अनुसार, संदिग्ध युवकों ने पड़ोसी इमारत की मदद से गणपति चक्रवर्ती के घर की छत तक पहुंच बनाई थी। पुलिस का दावा है कि दोनों वहां याबा का सेवन कर रहे थे।

छत से आवाज सुनकर गणपति ऊपर पहुंचे और दोनों युवकों से वहां नशीली दवा लेने पर सवाल किया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों को आशंका हुई कि गणपति उन्हें पहचान लेंगे और उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। इसके बाद कथित तौर पर उन्होंने गणपति के गले में तौलिया लपेटकर उनकी हत्या कर दी।

गणपति की आवाज सुनकर उनकी पत्नी प्रीतिलता सीढ़ियों की तरफ पहुंचीं। पुलिस के मुताबिक, उन्हें भी गला दबाकर मार दिया गया। इसके बाद उनकी बेटी आगमी ऊपर आने लगीं तो कथित तौर पर उनकी भी हत्या कर दी गई। घर में सो रहे 12 वर्षीय प्रियम को भी आरोपियों ने निशाना बनाया। पुलिस का कहना है कि चारों की हत्या कथित तौर पर गला दबाकर की गई।

हत्या के बाद भी घर से नहीं निकले आरोपी

इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू हत्या के बाद संदिग्धों का कथित तौर पर उसी घर में घंटों तक मौजूद रहना है। पुलिस के अनुसार, चार लोगों की हत्या करने के बाद दोनों आरोपी तुरंत फरार नहीं हुए।

पुलिस का दावा है कि दोनों ने घर के अंदर ही स्नान किया। इसके बाद उन्होंने फ्रिज से खीरा और खजूर निकाले और खाए। पुलिस के अनुसार, उन्होंने याबा का सेवन भी किया। इसके बाद उन्होंने घर के अंदर सामान को इधर-उधर बिखेर दिया, अलमारियों और दराजों को खोल दिया और घटनास्थल को लूट की वारदात जैसा दिखाने का प्रयास किया।

जांचकर्ताओं के मुताबिक, कुछ आभूषण भी गायब मिले। पुलिस का कहना है कि संदिग्धों की निशानदेही पर कथित तौर पर लूटे गए सोने के आभूषण बरामद किए गए हैं। इसके अलावा पुलिस को घर में याबा लेने से जुड़े सामान भी मिले हैं।

जांच में यह भी सामने आया कि परिवार के दो मोबाइल फोन कथित तौर पर पानी और डिटर्जेंट के मिश्रण में डुबोए गए थे। पुलिस को आशंका है कि ऐसा सबूत मिटाने या फिंगरप्रिंट जैसे सुराग नष्ट करने के लिए किया गया होगा। घर में मिले खजूर के बीजों को भी पुलिस ने जांच के लिए सुरक्षित किया है।

चारों शव घर में कहां मिले?

सीआईडी अधिकारियों के अनुसार, परिवार के सदस्यों के शव घर के अलग-अलग हिस्सों से बरामद हुए। रिपोर्टों के मुताबिक, गणपति का शव छत से मिला, जबकि उनकी पत्नी और बेटी के शव सीढ़ियों के पास पाए गए। बेटे का शव कमरे में बिस्तर के नीचे मिला। घर का सामान बिखरा हुआ था, जिससे शुरुआती तौर पर लूट की आशंका पैदा हुई।

रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक जांच से मौत के सही कारण और घटनाक्रम की पुष्टि में मदद मिलेगी। शुरुआती जांच में गला दबाने की बात सामने आई है।

कौन थे गणपति चक्रवर्ती?

गणपति चक्रवर्ती रंगपुर जिला स्कूल के सेवानिवृत्त शिक्षक थे। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने दिसंबर 2025 में नौकरी से रिटायरमेंट लिया था। रिटायरमेंट के बाद वह होम्योपैथी से जुड़े काम में लगे थे।

परिवार पिछले कुछ वर्षों से रंगपुर के दासपाड़ा/माचुआपाड़ा इलाके में रह रहा था और वहां अपना घर बनवाया था। पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने गणपति को शांत स्वभाव और मिलनसार व्यक्ति बताया है।

परिवार के बच्चों की पढ़ाई भी अच्छी चल रही थी। बेटी आगमी ने उच्च शिक्षा पूरी की थी, जबकि बेटा प्रियम रंगपुर जिला स्कूल में पढ़ता था। ऐसे में परिवार के लिए यह समय नई शुरुआत का था, लेकिन एक ही घटना ने पूरे परिवार को खत्म कर दिया।

परिवार ने उठाए बड़े सवाल

गणपति के रिश्तेदारों का कहना है कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि इतनी बड़ी वारदात सिर्फ अचानक हुए विवाद का नतीजा हो सकती है। परिवार ने पुलिस से पूरी और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

गणपति के बड़े भाई गोपीनाथ चक्रवर्ती ने हत्या के मामले में शिकायत दर्ज कराई है। परिवार की ओर से यह भी सवाल उठाया गया है कि क्या इस घटना में सिर्फ हिरासत में लिए गए दो युवक शामिल हैं या इसके पीछे किसी बड़े गिरोह की भूमिका भी हो सकती है।

कुछ रिश्तेदारों ने यह भी दावा किया कि घर के निर्माण के समय गणपति को कुछ लोगों से परेशानी हुई थी। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच में इनके संभावित संबंधों को स्पष्ट किया जाना बाकी है।

पुलिस की थ्योरी और परिवार के शक में अंतर

मामले में फिलहाल दो अलग-अलग एंगल सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, प्राथमिक जांच में दो युवकों द्वारा याबा सेवन और गणपति द्वारा उन्हें रोकने के बाद हत्या किए जाने की बात सामने आई है। दोनों संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और पुलिस ने उनके कथित कबूलनामे की बात कही है।

दूसरी ओर, परिवार के कुछ सदस्यों को शक है कि घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। शुरुआती तौर पर पुलिस ने भी घटनास्थल को देखकर इसे संभावित लूट की वारदात माना था, लेकिन बाद की जांच में नशीली दवा लेने का एंगल सामने आया।

यही वजह है कि जांचकर्ताओं के लिए अब यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि हत्या का वास्तविक उद्देश्य क्या था-क्या परिवार को सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि उन्होंने नशीली दवा लेने से रोका था, क्या लूट भी हत्या की वजह का हिस्सा थी, या फिर इसके पीछे कोई अन्य कारण था।

स्कूल के छात्रों ने भी की न्याय की मांग

घटना की खबर फैलने के बाद रंगपुर जिला स्कूल के शिक्षकों और छात्रों में भी शोक और आक्रोश देखने को मिला। छात्रों ने मानव श्रृंखला बनाकर परिवार के लिए न्याय की मांग की और दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की अपील की।

फिलहाल पुलिस, सीआईडी और डिटेक्टिव ब्रांच मामले की जांच कर रही हैं। दो संदिग्ध हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ जारी है। हत्या के पीछे की पूरी सच्चाई पोस्टमॉर्टम, फोरेंसिक जांच, बरामद सामान और आरोपियों से पूछताछ के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

रंगपुर की इस वारदात ने सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा किया है कि आखिर एक परिवार को ऐसी बेरहमी से क्यों खत्म किया गया। पुलिस की मौजूदा थ्योरी में नशे को लेकर हुआ विवाद अहम कड़ी है, लेकिन परिवार द्वारा जताई गई अन्य आशंकाओं की भी जांच होना बाकी है। इसलिए फिलहाल किसी एक वजह को अंतिम सत्य मानना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि 65 वर्षीय शिक्षक गणपति चक्रवर्ती, उनकी पत्नी, बेटी और मासूम बेटे की हत्या की असली वजह क्या थी और इस खौफनाक वारदात के पीछे वास्तव में कितने लोग शामिल थे।

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