“कुत्ते की तरह भौंकती, टांग उठाती”, जैसे बयानों पर भड़कीं कंगना रनौत

विशेष रूप से योग गुरु बाबा रामदेव को लेकर कंगना ने कहा कि उन्होंने अपनी बयानबाजी में ‘हर मर्यादा लांघ दी।’ लेकिन आखिरकार कंगना के इस आक्रामक रुख तक मामला कैसे पहुंचा? किसने पहले क्या कहा था और किस टिप्पणी के जवाब में कंगना ने किसे घेरा? आइए इस पूरे विवाद की एक-एक कड़ी को समझते हैं।
विवाद की शुरुआत: कंगना ने Gen Z को कहा ‘गटर जनरेशन’
इस विवाद की जड़ें जुलाई 2026 में कंगना रनौत द्वारा Gen Z (आज की युवा पीढ़ी) और जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शनों को लेकर दिए गए बयानों से जुड़ी हैं। कंगना ने कुछ प्रदर्शनकारियों के व्यवहार और उनकी भाषा शैली पर कड़ा एतराज जताते हुए उन्हें ‘Generation Gutter’ (गटर जनरेशन) कहकर संबोधित किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रदर्शन से जुड़े वीडियो का हवाला देते हुए युवाओं के तौर-तरीकों की तीखी आलोचना की थी। कंगना की इस टिप्पणी के बाद फिल्म उद्योग और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियों ने उनके रुख पर सवाल उठाए थे।
सोनू सूद ने कहा- ‘यह बहुत शर्मनाक है’
कंगना के ‘Gen Z गटरछाप’ वाले बयान पर अभिनेता सोनू सूद ने जुलाई में अपनी प्रतिक्रिया दी थी। सोनू सूद का मानना था कि देश के युवाओं को सम्मान के साथ संबोधित किया जाना चाहिए और किसी भी जनप्रतिनिधि या कलाकार को सार्वजनिक मंच से बोलते समय अपने शब्दों का चयन बहुत सोच-समझकर करना चाहिए।
सोनू सूद ने कहा था कि ‘अगर उन्होंने ऐसा कहा है तो मुझे लगता है कि यह बहुत शर्मनाक है। ऐसा नहीं कहा जाना चाहिए था।’ उन्होंने आगे जोर देकर कहा था कि बोलने से पहले अपने शब्दों को तौलना जरूरी होता है, क्योंकि युवा ही किसी भी कलाकार को सफल बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं और इसलिए सभी को युवाओं को साथ लेकर चलना चाहिए।
कंगना ने सोनू सूद को क्या जवाब दिया?
24 अगस्त को दिए अपने बयान में कंगना ने सोनू सूद का नाम लेते हुए कहा कि वह उन्हें ‘तमीज सीखने’ की सीख दे रहे हैं। कंगना ने अपने आलोचकों को दोटूक जवाब देते हुए कहा कि जिन लोगों ने उनके जीवन और करियर में हासिल की गई सफलता के बराबर काम नहीं किया है, उनकी सलाह सुनने में उनकी कोई रुचि नहीं है। यानी जहां सोनू सूद का मुख्य जोर युवाओं के प्रति इस्तेमाल की जाने वाली भाषा और उनके सम्मान पर था, वहीं कंगना ने इसे अपने खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी के रूप में लिया और पलटवार किया।
आशुतोष राणा ने कंगना को लेकर क्या कहा था?
वरिष्ठ अभिनेता आशुतोष राणा ने कंगना की Gen Z वाली टिप्पणी के संदर्भ में अपनी बात रखी थी। उन्होंने सीधे कंगना को ‘कुत्ते की तरह भौंकने वाली’ कहने के बजाय यह समझाया था कि किसी भी इंसान की असली पहचान उसके चुने हुए शब्दों से ही होती है। आशुतोष राणा ने प्रकृति का उदाहरण देते हुए कहा था कि जैसे अलग-अलग जीव अपनी आवाज से पहचाने जाते हैं, ठीक उसी तरह मनुष्य की पहचान भी उसके व्यवहार और उसके द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली भाषा से होती है।
कंगना Vs तापसी पन्नू: ‘सस्ती कॉपी’ से परवरिश तक छिड़ा विवाद
कंगना रनौत और अभिनेत्री तापसी पन्नू के बीच मनमुटाव कई साल पुराना है। यह मामला हाल ही में तब दोबारा सुर्खियों में आया जब तापसी से एक बातचीत के दौरान कंगना से जुड़े मतभेदों पर सवाल पूछा गया। तापसी ने कहा था कि वह कंगना से कभी व्यक्तिगत रूप से नहीं मिली हैं और उनके बारे में उनकी जो भी राय है, वह उनकी खुद की परवरिश, बात करने के तरीके और दुनिया को देखने के नजरिए को दर्शाती है।
तापसी की इस टिप्पणी के बाद कंगना ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर (अब डिलीट की जा चुकी) एक स्टोरी में बिना नाम लिए उन्हें ‘सस्ती कॉपी’ कहा था। इसके बाद तापसी ने बिना नाम लिए सोशल मीडिया पर ‘Hence, proved’ लिखकर एक संक्षिप्त पोस्ट साझा किया था। अब 24 अगस्त को कंगना ने आरोप लगाया कि तापसी पन्नू ने उनकी परवरिश और उनके माता-पिता का सार्वजनिक रूप से मजाक उड़ाया है।
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