कोलंबो में कहीं फंस तो नहीं जाएगा भारत? फॉलो-ऑन देने के बाद कैसा है रिकॉर्ड, आंकड़ों से समझें पूरा गणित

India vs Sri Lanka 2nd Test: भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेला जा रहा सीरीज का दूसरा टेस्ट रोमांचक मोड़ पर खड़ा है. पहले बल्लेबाजी करते हुए 503 रनों का विशाल स्कोर खड़ा करने के बाद टीम इंडिया ने श्रीलंका को 290 रन पर ऑलआउट कर दिया.
भारत के पास बैटिंग कर लीड को मजबूत करने का मौका था, लेकिन कप्तान शुभमन गिल ने फॉलो-ऑन देने का बड़ा फैसला किया. श्रीलंका ने दूसरी पारी में चौथे दिन के स्टंप्स तक 6 विकेट खोकर 229 रन बना लिए और भारत के स्कोर से 16 रन आगे निकले. मैच पर अभी भी टीम इंडिया की पकड़ मजबूत है, लेकिन फैंस के मन में कहीं ना कहीं ये भी सवाल होगा कि 5 वें दिन बल्लेबाजी करते हुए कहीं भारत फंस ना जाए?
कोलंबो की पिच स्पिनरों के लिए मददगार है और कोई भी टीम इन हालातों में चौथी पारी में 150 रन से ज्यादा का पीछा नहीं करना चाहेगी. इस लिहाज से देखें तो 5वें दिन का पहला सेशन काफी अहम होगा. भारतीय गेंदबाज जल्द से जल्द 4 विकेट लेकर श्रीलंका को ऑलआउट करना चाहेगी. लक्ष्य जितना छोटा होगा, उसे हासिल करना उतना आसान रहेगा. 150+ रनों का टारगेट मुश्किल साबित हो सकता है.
सोनल दिनुशा का विकेट लेना सबसे अहम
जब कोलंबो टेस्ट के आखिरी दिन भारतीय टीम मैदान पर उतरेगी तो उनका इरादा जल्द से जल्द सोनल दिनुशा को आउट करना होगा. पहली पारी में भी सोनल श्रीलंका के संकटमोचक बने थे. उन्होंने 162 गेंदों का सामना करते हुए 103 रनों की शानदार पारी खेली थी. पहले टेस्ट में भी सोनल ने प्रभावित किया था और पहली इनिंग में शतक ठोका था. वो सीरीज में अब तक 294 रन बना चुके हैं. इस लिहाज से देखें तो श्रीलंका की आखिरी उम्मीद सोनल दिनुशा से ही होगी. वो जितनी देर तक बल्लेबाजी करेंगे, भारत के लिए काम उतना मुश्किल हो जाएगा. 5वें दिन सोनल का प्लान ज्यादा से ज्यादा स्ट्राइक अपने पास रख लीड को 150 रन के पार पहुंचाने का होगा. हालांकि, रवींद्र जडेजा, मानव सुथार और सारांश जैन की तिकड़ी के आगे ये काम आसान नहीं होने वाला है.
फॉलो-ऑन देने के बाद कैसा है भारत का रिकॉर्ड?
भारतीय फैंस के मन में ये भी सवाल है कि कहीं फॉलो-ऑन देने के बाद टीम इंडिया फंस तो नहीं गई है? उनके लिए राहत की बात ये है कि विपक्षी टीम को फॉलो-ऑन कराने के बाद भारत का रिकॉर्ड शानदार रहा है. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में टीम इंडिया ने 43 बार विरोधी टीम को फॉलो-ऑन कराया है. 30 मैचों में भारत को जीत मिली है, जबकि 13 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं. हार एक बार भी नसीब नहीं हुई है. इसका मतलब है कि कोलंबो टेस्ट में भी टीम इंडिया की जीतने का चांस ज्यादा है. बस भारतीय गेंदबाजों को जल्द से जल्द बाकी बचे 4 विकेट को निपटाने की जरूरत है.

क्या फॉलो-ऑन कराने के बाद कोई टीम हारी है?
ऐसा भी नहीं है कि फॉलो-ऑन कराने का मतलब जीत की गारंटी है. हां, जीतने का चांस जरूर ज्यादा है, लेकिन हार का सामना भी करना पड़ सकता है. भारत ने भले ही फॉलो-ऑन देने के बाद हार का स्वाद नहीं चखा है, लेकिन दो बड़ी टीमों के साथ 'हार का कांड' हो चुका है.
ऑस्ट्रेलिया ऐसी टीम है जिसने 73 बार विपक्षी टीम को फॉलो-ऑन दिया है.61 मुकाबलों में तो कंगारुओं को जीत मिली है, लेकिन 3 बार उन्हें हार का कड़वा स्वाद भी चखना पड़ा है.
ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड (सिडनी, 1894-95): ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 586 रन बनाए और इंग्लैंड को 325 रन पर ऑल-आउट कर दिया, जिससे इंग्लैंड को फॉलो-ऑन खेलना पड़ा. इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी में 437 रन बनाए और ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 177 रन का लक्ष्य रखा, लेकिन इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को ऑल-आउट कर 10 रन से मैच जीत लिया.
ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड (लीड्स, 1981): इसे इयान बॉथम के मशहूर टेस्ट मैच के तौर पर जाना जाता है. ऑस्ट्रेलिया ने 9 विकेट पर 401 रन बनाकर पारी घोषित की और इंग्लैंड को 174 रन पर ऑल-आउट कर फॉलो-ऑन के लिए मजबूर किया. इंग्लैंड ने दूसरी पारी में बॉथम के शानदार पलटवार की बदौलत 356 रन बनाए और ऑस्ट्रेलिया को ऑल-आउट कर 18 रन से जीत हासिल की.
भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया (कोलकाता, 2001): ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 445 रन बनाए और भारत को 171 रन पर रोक दिया, जिससे भारत को फॉलो-ऑन खेलना पड़ा. वी.वी.एस. लक्ष्मण (281) और राहुल द्रविड़ (180) ने चौथे दिन पूरे समय बल्लेबाजी करते हुए 376 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी की और ऑस्ट्रेलिया के सामने 384 रनों का लक्ष्य रखा. ऑस्ट्रेलिया की टीम आखिर में 212 रन पर ऑल-आउट हो गई और 171 रनों से मैच हार गई. इस टेस्ट मैच ने भारतीय क्रिकेट की दिशा बदल दी. वहीं, इस टेस्ट को हारने के बाद से ऑस्ट्रेलियाई टीम विरोधियों को फॉलो-ऑन कराने से पहले दो बार सोचती जरूर है.
इंग्लैंड ने भी सहा है हार का गम
फॉलो-ऑन देने के बाद हारने का गम इंग्लैंड ने भी सहा है. उनके साथ ये 'हादसा' 2023 में वेलिंगटन में हुआ था. न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट में इंग्लैंड ने पहली पारी में 435 रनों का स्कोर खड़ा किया. इसके बाद कीवी टीम को 209 रनों पर निपटाकर उन्हें फॉलो ऑन करने पर मजबूर किया. दूसरी पारी में न्यूजीलैंड ने पलटवार करते हुए 483 रनों का स्कोर खड़ा किया और इंग्लैंड के सामने 258 रनों का लक्ष्य रखा. बेन स्टोक्स की टीम ने आखिरी तक लड़ाई लड़ी, लेकिन बेहद रोमांचक मुकाबले में न्यूजीलैंड को 1 रन से जीत मिली.
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