धर्मशाला जेल में कैदियों और स्टाफ में खूनी झड़प, चार बंदी-चार कर्मी जख्मी, क्रॉस एफआईआर दर्ज

लाला लाजपतराय जिला मुक्त एवं सुधार गृह कांगड़ा धर्मशाला में रविवार दोपहर कैदियों और जेल स्टाफ के बीच अस्पताल भेजने के लिए गार्द लगाए जाने को लेकर शुरू हुई बहसबाजी खूनी झड़प में बदल गई। मारपीट की इस घटना में चार कैदी और जेल के चार कर्मचारी घायल हुए हैं। घायल कर्मचारियों में हेड कांस्टेबल राकेश वर्मा, सूरज, अजीत और शिवराम शामिल हैं।
इन्हें उपचार के लिए डा. राजेंद्र प्रसाद प्रसाद मेडिकल कालेज एवं अस्पताल टांडा ले जाया गया है। वहीं, पुलिस ने मामले में आरंभिक जांच करते हुए दोनों पक्षों के मेडिकल करवाने के साथ ही दोनों की शिकायतों की आधार पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली है। लड़ाई-झगड़ा करने वाले जेल में सजायाफ्त कैदी गंभीर अपराधों में संलिप्त मामलों में सजा काट रहे हैं।
जानकारी के अनुसार रविवार दोपहर करीब 12 बजे कैदियों की ओर से अस्पताल भेजने के लिए गार्द लगाए जाने की मांग को लेकर जेल प्रबंधन से बातचीत चल रही थी। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते मामला लड़ाई-झगड़े तक पहुंच गया।
आरोप है कि झड़प के दौरान कांच की खिडक़ी तोड़ दी गई, और उसके टुकड़ों से भी एक-दूसरे पर वार किए गए। घटना में दोनों पक्षों के कई लोगों को चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद धर्मशाला पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। घायल कैदियों का जोनल अस्पताल धर्मशाला में उपचार और मेडिकल करवाया गया।
वहीं, घायल जेल कर्मचारियों को टांडा अस्पताल भेजा गया, जिसमें एक हैड कांस्टेबल को गंभीर चोटिल बताया जा रहा है। इस संबंध में धर्मशाला जेल के कार्यकारी प्रभारी सहायक उप-अधीक्षक राजेश ने पुलिस थाना धर्मशाला को घटना की सूचना दी है। पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें दी गई हैं। इनके आधार पर मामले में क्रॉस एफआईआर दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस ने घटनास्थल से संबंधित तथ्यों और साक्ष्यों को भी खंगाला है। उधर, एसएचओ धर्मशाला नारायण सिंह ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर मामले दर्ज किए गए हैं।
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