‘दुश्मन को देंगे कुचलने वाला दर्दनाक जवाब’ ट्रंप के होर्मुज दावे पर भड़का ईरान

यह जुबानी जंग ऐसे समय में तेज हुई है जब शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया था कि इस महत्वपूर्ण समुद्री जलमार्ग और इससे सटे जमीनी इलाकों पर अब पूरी तरह से वाशिंगटन का कंट्रोल है। ट्रंप के इसी दावे के बाद तेहरान का गुस्सा भड़क उठा और उसने अमेरिका के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया।
होर्मुज को लेकर अमेरिका-ईरान के बीच ठनी
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान के तुरंत बाद ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने एक कड़ा बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि ईरानी सेना जमीन, समुद्र, हवा, वायु रक्षा और साइबर स्पेस में पूरी तरह से तैयार और सतर्क है। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका की तरफ से मिलने वाली किसी भी नई चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने का ऐलान किया।
बता दें कि यह बयान ऐसे माहौल में आया है जब होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही बाधित होने से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। इसके साथ ही ईरानी रक्षा नेतृत्व ने साफ कर दिया कि तेहरान एक साथ कई मोर्चों पर अमेरिकी कार्रवाई का सामना करने और उसका कड़ा जवाब देने में पूरी तरह सक्षम है।
दुश्मन को देंगे दर्दनाक जवाब- ईरान
मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने अपनी सेना की तैयारियों को रेखांकित करते हुए दोहराया कि ईरानी सशस्त्र बल हर क्षेत्र—जमीन, समुद्र, हवा और साइबर स्पेस में मुस्तैद हैं। उन्होंने कहा कि ईरानी सेना दुश्मन के नए खतरों का कुचलने वाला और बेहद दर्दनाक जवाब देगी।
हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले छह महीनों से जारी संघर्ष और सैन्य तनातनी के चलते ईरान की अर्थव्यवस्था और पारंपरिक सैन्य क्षमताओं को भारी नुकसान जरूर पहुंचा है, लेकिन इसके बावजूद ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताएं पूरी तरह से सुरक्षित और परिचालन स्थिति में हैं।
ट्रंप ने किया होर्मुज पर कंट्रोल का दावा
इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बड़ा दावा करके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी फैला दी थी। पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा था कि वे वर्तमान में होर्मुज को एक “अमेरिकी क्षेत्र” के रूप में देखते हैं।
ट्रंप ने जोर देकर कहा कि वाशिंगटन का होर्मुज जलमार्ग और उससे जुड़े तमाम जमीनी इलाकों पर पूरा नियंत्रण स्थापित हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि ईरान इस संघर्ष को खत्म करने के लिए कोई समझौता करना चाहता है, लेकिन वह अभी अमेरिका की शर्तों के मुताबिक “सही समझौता” करने के लिए तैयार नहीं दिख रहा है।
ईरान को नहीं दी जा सकती परमाणु हथियार की इजाजत
दक्षिण कैरोलिना के मर्टल बीच में आयोजित एक विशाल चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर दोहराया कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
चेतावनी भरे लहजे में ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने में सफलता मिलती है तो इसके पूरी दुनिया के लिए बहुत ही खतरनाक और बुरे परिणाम सामने आएंगे। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने आगे बढ़कर ईरान के परमाणु प्रयासों को पूरी तरह से ठप्प कर दिया है और तेहरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे।
अमेरिका ने ईरान पर लगाए कड़े आर्थिक प्रतिबंध
इस बीच, अमेरिका ने ईरान पर अब तक के सबसे कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने का औपचारिक ऐलान भी कर दिया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने जानकारी दी कि वे सोमवार को ईरान के खिलाफ नए और कड़े वित्तीय प्रतिबंधों का विस्तृत खाका जारी करेंगे।
बेसेंट ने कहा कि अमेरिका ने पहले से ही नौसैनिक नाकेबंदी कर रखी है और अब वह इतिहास का सबसे विनाशकारी आर्थिक प्रतिबंध अभियान शुरू करने जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस आर्थिक अभियान का मुख्य मकसद ईरान के मौजूदा नेतृत्व और शासन को गिराना है। इसके साथ ही राष्ट्रपति ट्रंप ने दुनिया के सभी देशों को चेतावनी जारी की है कि जो भी देश ईरान को किसी भी तरह की वित्तीय या व्यापारिक मदद देगा, उसे बेहद गंभीर आर्थिक दुष्परिणाम भुगतने होंगे।
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