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हत्या के आरोपी को बचाने में ली जमीन, 29 अगस्त को खारिज हुई जमानत, अब निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया हुई फरार

हत्या के आरोपी को बचाने में ली जमीन, 29 अगस्त को खारिज हुई जमानत, अब निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया हुई फरार


टनी. कटनी की पूर्व सीएसपी नेहा पच्चिसिया एफआईआर दर्ज होने के बाद से फरार हैं. सस्पेंड के बाद उन्हें भोपाल पुलिस मुख्यालय में रिपोर्ट करना था, लेकिन वे वहां भी उपस्थित नहीं हुईं. पुलिस ने उनकी तलाश में 8 टीमें तैनात की हैं और उन पर 10000 रुपये का इनाम घोषित किया गया है.


कटनी स्थित उनका सरकारी बंगला बाहर से बंद है. हालांकि बाहर उनकी नेमप्लेट अब भी लगी है. एसपी अभिनय विश्वकर्मा का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही बंगला खाली कराया जाएगा. सीएसपी कार्यालय का प्रभार डीएसपी शिवा पाठक को सौंपा गया है.

मामला कुठला थाना क्षेत्र में 82.86 लाख रुपये की जमीन को दबाव बनाकर महज 18.20 लाख रुपये में मारूफ अहमद हनफी के नाम रजिस्ट्री कराने से जुड़ा है. इसमें 19 अगस्त को धोखाधड़ी, पद के दुरुपयोग और आपराधिक साजिश की धाराओं में सीएसपी नेहा पच्चिसिया, क्षितिज राज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.

मुख्यमंत्री ने दिया था नेहा को सस्पेंड करने का ऑर्डर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर 21 अगस्त को नेहा पच्चिसिया को निलंबित किया गया था. मामले की जांच के लिए एएसपी अंजना तिवारी के नेतृत्व में 23 अगस्त को 8 सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है. नेहा पच्चिसिया की अग्रिम जमानत याचिका 29 अगस्त को और सह-आरोपी मारूफ की याचिका 2 सितंबर को सेशन कोर्ट से खारिज हो चुकी है. आरोपियों ने अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का रुख किया है.

पूर्व सीएसपी नेहा पच्चिसिया को भगोड़ा घोषित करने की मांग

शिकायतकर्ता ने कोर्ट में अपील है कि इन तीनों को भगोड़ा घोषित किया जाए. इनकी चल और अचल संपत्ति को कुर्क किया जाए. बता दें, मामला कन्हवारा में हत्या के एक नामजद आरोपी रमेश लोधी की जमीन से जुड़ा है. आरोप है कि पीड़ित परिवार पर दबाव बनाकर जमीन को बेहद कम कीमत पर दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर करवाया गया. जांच के अनुसार, जमीन की गाइडलाइन वैल्यू 82.86 लाख रुपये थी, लेकिन इसे मारूफ अहमद हनफी के नाम पर महज 18.20 लाख रुपये में रजिस्ट्री कराया गया. पुलिस जांच में मारूफ को इस सौदे में फ्रंटमैन माना गया है. जांच में यह बात भी सामने आई है कि जमीन के लेन-देन की राशि सीएसपी के करीबी बताए जा रहे क्षितिज राज बारापात्रे के बैंक खातों के जरिए रूट की गई थी.

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