क्या 4-5 लीटर पानी पीने से किडनी का पत्थर गल जाता है? ऐसा सोचते हैं आप तो जान लीजिए डॉक्टर की बात

Kidney Stones : किडनी में मौजूद पत्थर या पथरी क्या ज्यादा पानी पीने से निकल जाती है. ऐसी बातें आप अक्सर सुनते होंगे. दरअसल, जब किडनी में छोटी-छोटी पथरियां होती हैं तो पीठ के निचले हिस्से में पसलियों के ठीक नीचे साइड में दर्द शुरू होता है.
जैसे-जैसे पथरी आगे खिसकती है यह तेज मरोड़ वाला दर्द पेट के निचले हिस्से और जांघ के अंदरूनी हिस्से तक पहुंच जाता है. इस स्थिति में लोग डॉक्टर के पास जाते हैं. इसके बाद अल्ट्रासाउंड होता है. अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर कुछ दिन दवा खाने को कहते हैं या फिर सर्जरी कराने को कहते हैं. लेकिन आमजन में इसकी अलग धारणा है. चाहे डॉक्टर सर्जरी कराने के लिए ही क्यों न कहें, लोग पहले पानी ज्यादा पीकर इसे निकालने की कोशश करते हैं. ऐसे में असल सवाल यह है कि क्या सच में ज्यादा पानी पीकर किडनी की पथरियों को निकाला जा सकता है. एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस नई दिल्ली में किडनी डिजीज एंड ट्रांसप्लांट मेडिसीन के डायरेक्टर डॉ. सागर गुप्ता इस बारे में विस्तार से बता रहे हैं.
क्या सच में पानी पीने से पथरी बाहर आ जाती
डॉ. सागर गुप्ता ने बताया कि ऐसी बातें अक्सर सुनी जाती है लेकिन मेडिकल टर्म में हम इसे दूसरी तरह से देखते हैं. कई कारणों से जब किडनी में कैल्शियम, ऑक्जलेट और यूरिक एसिड ज्यादा हो जाता है तो ये सब एक साथ चिपक कर क्रिस्टल के रूप में जमा होने लगते हैं. शुरुआत में ये बहुत बारीक होती हैं. जब ये छोटे-छोटे कण 5 मिलीमीटर से छोटे होते हैं तब हमलोग मरीज को सलाह देते हैं कि कुछ दिन लिक्विड वाली चीजें ज्यादा पीकर देखो. इसमें पानी की मात्रा 24 घंटे में 4 लीटर तक बढ़ा दो. लेकिन सभी मरीजों के साथ ऐसा नहीं कहा जा सकता है. पानी ज्यादा पीने से किडनी में मौजूद पथरी निकलेगा या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि पथरी कितनी बड़ी है और किडनी के किस एरिया में मौजूद है. अगर ये पथरी किडनी पेशाब की नली यूरेटर यानी मूत्रवाहिनी की पतली और संकीर्ण नली में जाकर फंस जाए तो वहां से इसका बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है. इस स्थिति में ज्यादा पानी पीकर पथरी निकल जाए यह संभव नहीं है. इसलिए हमलोग सर्जरी की सलाह देते हैं. इसलिए पथरी अपने आप निकलेगी या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि पथरी किस जगह पर मौजूद है और पथरी का साइज क्या है.

कब बाहर आती कब नहीं आती
अब सवाल है कि पथरी किस स्थिति में शरीर से बाहर निकल आ पाती है और किस स्थिति में शरीर से बाहर नहीं निकल पाती. डॉ. सागर गुप्ता बताते हैं कि अगर पथरी का साइज 5 एमएम से कम है तो 90 प्रतिशत चांस है कि ये अपने आप निकल जाए. वहीं अगर 5 से 8 एमएम साइज की पथरी है तो इसमें 50-50 का चांस रहता है. यानी यह निकल भी सकती है और न भी निकल सकती है. इससे ज्यादा साइज की पथरी अपने आप नहीं निकल सकती है. इसलिए छोटे साइज की पथरियों में हम भी यही सलाह देते हैं कि ज्यादा पानी पिया करो. इससे यूरिन के बहाव से पथरी आगे बढ़ती जाएगी और यह अंततः पेशाब के रास्ते निकल जाएगी. यदि पथरी 5 mm से छोटी है और किडनी के ऊपरी या मध्य हिस्से में हो, तो यह गुरुत्वाकर्षण और पर्याप्त पानी के बहाव से आसानी से नीचे खिसककर बाहर निकल जाती है लेकिन यदि पथरी किडनी के निचले हिस्से में पड़ी हो या फिर यूरेटर यानी मूत्रवाहिनी की तंग नलिका में अटकी हो, तो इसका अपने आप बाहर आना काफी कठिन हो जाता है. अगर किडनी पथरी पाइप में बैठी है और इसमें पीछे फुलावट आ रही है तो यह इमरजेंसी की स्थिति भी पैदा हो सकती है. अगर 8-9 एमएम से ज्यादा की पथरी है, उन्हें सर्जरी ही करानी पड़ती है.
किडनी में स्टोन पड़ी रहे तो क्या होगा
डॉ. सागर गुप्ता कहते हैं कि यह ठीक इसी तरह है जैसे किसी 5 एमएम के पल्बिंग पाइप में 9 एमएम का बॉल घुसाकर उसे बाहर निकालने की कोशिश करें. इसलिए यदि किडनी स्टोन का साइज 8-9 मिलीमीटर से अधिक हो जाए और वह स्वतः बाहर न निकल सके तो यह मूत्रवाहिनी में फंसकर ऑब्स्ट्रक्टिव यूरोपैथी जैसी गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है. जब किडनी में स्टोन फंसी रहेगी तो स्टोन के कारण किडनी के पीछे प्रेशर बढ़ेगा और इससे किडनी की संरचना फूलने लगेगी. यह बढ़ा हुआ प्रेशर किडनी की आंतरिक संरचना को क्षतिग्रस्त कर देगा. अगर पथरी ज्यादा दिन तक फंसी रहे तो ये किडनी के सूक्ष्म ढांचे को ही तबाह कर देगी. फिर किडनी का फंक्शन खराब हो जाएगा जिससे किडनी में खून को फिल्टर करने की क्षमता कम हो जाएगा और किडनी टॉक्सिन को बाहर नहीं निकाल पाएगी.
किडनी स्टोन फंसी रह जाए तो क्या लक्षण दिखते हैं
अगर किसी व्यक्ति में किडनी स्टोन फंसी है बॉडी इन पथरियों को आगे पुश करने की कोशिश करती है. इससे पेट में मरोड़ वाला दर्द होगा. जिस तरफ की किडनी में स्टोन है उस तरफ दर्द होगा. इसमें सीवर फ्लैंग पेन होता है. यानी इसका मतलब पीठ के निचले हिस्से में पसलियों के ठीक नीचे असहनीय दर्द होगा. पेन इतना तेज उठ सकता है कि आंखों से आंसू निकाल देगा. अगर पथरी वाली जगह में इंफेक्शन हो जाए तो यूरिन में जलन, बुखार भी हो सकता है. इसके अलावा अगर स्टोन फंसा रहे तो यूरिन में ब्लड भी आ सकता है. ऐसी स्थिति में तुरंत सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है. इसलिए अगर 8-9 एमएम से ज्यादा पथरी है तो जल्द से जल्द सर्जरी करा लें. अगर इससे छोटा है तो थोड़ा इंतजार कर सकते हैं लेकिन यह सब आपके डॉक्टर डिसाइड करेंगे. इसलिए खुद से इस मामले में खुद से डॉक्टरी न करें.
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