सुरक्षा एजेंसियों की खास एडवाइजरी जारी; +92 नंबर से आए कॉल तो सावधान, भारतीय युवाओं को इस तरह जाल में फंस रही ISI

New Delhi: पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI (Inter-Services Intelligence) और पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव्स यानी PIO पर भारतीय युवाओं को डिजिटल माध्यमों से निशाना बनाने के आरोप लगते रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, सोशल मीडिया, फर्जी कॉल, ऑनलाइन नौकरी, लॉटरी और हनीट्रैप जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर युवाओं को अपने जाल में फंसाने की कोशिश की जा सकती है। युवाओं को खास तौर पर सलाह दी जा रही है कि वे अनजान विदेशी नंबरों, संदिग्ध सोशल मीडिया प्रोफाइल, फर्जी नौकरी के ऑफर और मुफ्त इनाम के लालच से सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को अपनी निजी जानकारी, फोटो, वीडियो, लोकेशन या संवेदनशील दस्तावेज साझा नहीं करने चाहिए।
धर्म के नाम पर बहकाने की कोशिश संदिग्ध ऑपरेटिव्स कथित तौर पर युवाओं की धार्मिक और भावनात्मक भावनाओं का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं। सोशल मीडिया ग्रुप या निजी चैट के जरिए पहले संपर्क बनाया जाता है और फिर भड़काऊ या कट्टरपंथी सामग्री के माध्यम से प्रभावित करने की कोशिश की जा सकती है। ऐसी स्थिति में किसी भी अनजान व्यक्ति की बात पर भरोसा करने के बजाय जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है। धार्मिक भावनाओं को भड़काकर किसी गैरकानूनी गतिविधि के लिए उकसाया जा रहा हो तो तुरंत संबंधित एजेंसियों को सूचना देनी चाहिए।
+92 नंबर से कॉल आए तो रहें सतर्क +92 पाकिस्तान का कंट्री कोड है। किसी अनजान +92 नंबर से कॉल या मैसेज आने का मतलब अपने आप यह नहीं है कि वह जासूसी नेटवर्क से जुड़ा है। लेकिन अगर कॉल में लॉटरी, कैश प्राइज, नौकरी, निवेश या किसी अन्य लालच के साथ लिंक भेजा जाए या निजी जानकारी मांगी जाए तो विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ठग अक्सर KBC, लॉटरी, कार जीतने या भारी कैश प्राइज जैसे झांसे का इस्तेमाल करते हैं। इनाम पाने के नाम पर प्रोसेसिंग फीस या टैक्स मांगा जा सकता है। कभी-कभी संदिग्ध लिंक के जरिए मोबाइल या ऑनलाइन अकाउंट से जुड़ी जानकारी हासिल करने की कोशिश भी की जा सकती है।
सोशल मीडिया पर 'हनीट्रैप' का खतरा एक और तरीका हनीट्रैप बताया जाता है। इसमें फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर किसी व्यक्ति से दोस्ती की जाती है। बातचीत धीरे-धीरे निजी और भावनात्मक स्तर तक पहुंचाई जा सकती है। इसके बाद निजी फोटो या वीडियो हासिल करके ब्लैकमेल करने की कोशिश की जा सकती है। कुछ मामलों में पीड़ित से पैसे मांगने या उसके जरिए संवेदनशील जानकारी हासिल करने का प्रयास भी किया जा सकता है। इसलिए Facebook, Instagram, Telegram या किसी अन्य प्लेटफॉर्म पर अनजान लोगों से बातचीत करते समय सावधानी जरूरी है।
पार्ट-टाइम नौकरी के नाम पर जासूसी का खतरा युवाओं को वर्क फ्रॉम होम, डेटा एंट्री और ऑनलाइन कमाई जैसे ऑफर देकर भी फंसाने की कोशिश की जा सकती है। शुरुआत में छोटे और सामान्य काम दिए जा सकते हैं। इसके बाद किसी खास जगह की फोटो लेने, किसी व्यक्ति या संस्थान के बारे में जानकारी जुटाने अथवा लोकेशन साझा करने जैसी मांग सामने आ सकती है। ऐसे किसी भी काम को करने से पहले उसकी वैधता और कंपनी की पहचान की जांच करना बेहद जरूरी है।
फर्जी लोन और बेटिंग ऐप्स से भी सावधान फर्जी लोन, अवैध बेटिंग या कम समय में ज्यादा कमाई का लालच देने वाले ऐप्स भी युवाओं को आर्थिक और डिजिटल जोखिम में डाल सकते हैं। किसी व्यक्ति को पहले आर्थिक रूप से कमजोर करने और फिर निजी जानकारी या तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल करने की कोशिश की जा सकती है। इसलिए अनजान ऐप डाउनलोड करने या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर देश की सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी किसी विदेशी एजेंट या शत्रु देश तक पहुंचाता है, तो उसके खिलाफ गंभीर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। मामले के तथ्यों के आधार पर UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) और Official Secrets Act जैसे कानून लागू हो सकते हैं।
युवाओं के लिए सुरक्षा एजेंसियों की अहम सलाह
- अनजान लोगों पर तुरंत भरोसा न करें
- सोशल मीडिया पर अचानक दोस्ती करने वाले व्यक्ति की पहचान और उसके दावों की जांच करें।
- +92 या किसी भी अनजान विदेशी नंबर से सावधान रहें
- संदिग्ध कॉल, मैसेज और लिंक को जवाब देने के बजाय ब्लॉक और रिपोर्ट करें।
- लॉटरी या मुफ्त इनाम के झांसे में न आएं
- अगर आपने किसी प्रतियोगिता में हिस्सा ही नहीं लिया तो अचानक मिली लॉटरी या इनाम की सूचना पर भरोसा न करें।
- निजी फोटो और वीडियो शेयर न करें
- ऑनलाइन दोस्ती कितनी भी भरोसेमंद लगे, निजी या संवेदनशील सामग्री साझा करने से बचें।
- संदिग्ध नौकरी के ऑफर की जांच करें
- किसी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर फोटो, लोकेशन या किसी विशेष स्थान की जानकारी जुटाने का काम न करें।
- संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें
- लॉटरी, नौकरी, लोन या इनाम के नाम पर भेजे गए लिंक को खोलने से पहले उसकी सत्यता जांचें।
- ब्लैकमेल होने पर चुप न रहें
- अगर कोई व्यक्ति फोटो, वीडियो या चैट के जरिए धमकी दे रहा है तो पैसे देने या उसकी मांग मानने के बजाय पुलिस और संबंधित साइबर अपराध अधिकारियों से संपर्क करें।
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