'सैलाब तेजी से आवत बा', सुनते-सुनते कट गया मां का कॉल, शख्स ने बताई परिवार के तबाह होने की आपबीती
मोतिहारीः 'बड़ा सैलाब आवत बा… सब लोग ठीक जगह पर चल जाई.' ये वो आखिरी शब्द हैं, जो रक्सौल के आदापुर प्रखंड के लाला छपरा के रहने वाले राजा कुमार के कानों में अब भी गूंज रहे हैं.
फोन पर मां अपने बेटे को नेपाल में आई जलप्रलय की भयावहता बता रही थी. वह परिवार के लोगों को सुरक्षित जगह जाने के लिए कह रही थी. लेकिन इसी बातचीत के बीच मोबाइल का कनेक्शन टूट गया. इसके बाद मां से फिर कभी बात नहीं हो सकी.
राजा कुमार ने अपनी आंखों के सामने अपने परिवार को उजड़ते देखा है. नेपाल में आई भीषण बाढ़ में उनकी मां, तीन बहनें और एक भांजा लापता हो गए. परिवार के मुताबिक, घटना के 10 दिन बाद भी किसी का शव नहीं मिला है. घर भी तबाह हो चुका है. अब परिवार के लोग अपनों की तलाश में जुटे हैं.
15 साल से नेपाल में रह रहा था परिवार
बताया जाता है कि बुधन भगत का परिवार करीब 15 साल से नेपाल में रह रहा था. वह वहां कबाड़ का कारोबार करते थे. परिवार में चार बेटियां और एक बेटा था. जलप्रलय के समय उनकी तीन बेटियां अपनी मां के साथ थीं. एक बेटी कहीं जाने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही घर और परिवार पर आई तबाही की खबर सामने आ गई. इस त्रासदी में बुधन भगत, उनके बेटे राजा कुमार और एक बेटी के बचने की बात सामने आई है. परिवार के बाकी सदस्यों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है.
मां दूसरों को बचने के लिए कहती रही, खुद नहीं बच सकी
राजा कुमार के मुताबिक, घटना से पहले उनकी मां ने फोन किया था. उन्होंने सैलाब का जिक्र करते हुए परिवार के लोगों को सुरक्षित जगह जाने के लिए कहा था. मां की आवाज में चिंता थी और वह सबको बचने की सलाह दे रही थीं. लेकिन जिस मां की आवाज दूसरों को खतरे से आगाह कर रही थी, वही खुद इस जलप्रलय की चपेट में आ गई. फोन कटने के बाद परिवार को उनकी कोई खबर नहीं मिली.
अब नेपाल नहीं लौटना चाहता परिवार
इस घटना ने पूरे परिवार को अंदर तक तोड़ दिया है. अपनों को खोने के बाद राजा कुमार और उनकी बहन अब दोबारा नेपाल नहीं जाने की बात कह रहे हैं. उनका कहना है कि जिस जगह ने उनसे उनका पूरा परिवार छीन लिया, वहां लौटकर जाना उनके लिए बेहद मुश्किल होगा. घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी लापता परिजनों का कोई सुराग नहीं मिला है. परिवार अब उनके मिलने की उम्मीद और उनके लिए अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच फंसा हुआ है. नेपाल की इस त्रासदी ने एक पूरे परिवार को बिखेर दिया है.

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