Recent Posts

Breaking News

'दोस्त मुझे बचा लो...', सत्य निकेतन हादसे का सबसे दर्दनाक मंजर, मलबे के नीचे से आया फोन कॉल, तेज हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन!

'दोस्त मुझे बचा लो...', सत्य निकेतन हादसे का सबसे दर्दनाक मंजर, मलबे के नीचे से आया फोन कॉल, तेज हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन!


ई दिल्ली. राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. एक पांच मंजिला इमारत, जिसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से आए कॉलेज छात्र पीजी के रूप में रह रहे थे, पलक झपकते ही भरभराकर गिर गई. मलबे के विशाल ढेर के बीच सबसे दिल दहला देने वाला मोड़ तब आया, जब अंदर फंसे कुछ छात्रों ने अपने फोन से बाहर साथियों और नेताओं को कॉल करके रोते हुए कहा, 'दोस्त, मुझे बचा लो, यहां सांस लेना मुश्किल हो रहा है…'

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी के विधायक अनिल शर्मा ने मौके पर पहुंचकर इस बात का दावा किया कि मलबे में जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहे कुछ छात्रों ने फोन कर मदद मांगी है. इस खबर के बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य की रफ्तार दोगुनी कर दी गई है.

जानें कब क्या हुआ?

दोपहर 01:15 बजे: सत्य निकेतन की संकरी गली में स्थित 40-50 साल पुरानी पांच मंजिला इमारत अचानक तेज धमाके के साथ ताश के पत्तों की तरह ढह गई. चारों तरफ धूल का गुबार छा गया और इलाके में चीख-पुकार मच गई.

दोपहर 01:25 बजे: आसपास रहने वाले छात्रों और स्थानीय निवासियों ने बिना वक्त गंवाए खुद ही मलबा हटाना शुरू कर दिया. दमकल और पुलिस को तुरंत सूचना दी गई.

दोपहर 01:40 बजे: फायर ब्रिगेड की गाड़ियां, दिल्ली पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं. संकरी गलियां होने के कारण भारी मशीनों को अंदर ले जाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी.

दोपहर 02:10 बजे: एनडीआरएफ की विशेष रेस्क्यू टीम स्निफर डॉग्स और कटर मशीनों के साथ पहुंची. CATS की 17 से ज्यादा एम्बुलेंस तैनात कर घायलों को तुरंत ग्रीन कॉरिडोर बनाकर अस्पताल भेजने की व्यवस्था की गई.

दोपहर 03:00 बजे: बीजेपी विधायक अनिल शर्मा मौके पर पहुंचे. इसी दौरान मलबे में फंसे कुछ छात्रों द्वारा फोन पर संपर्क कर मदद गुहार लगाने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया.

शाम 05:00 बजे से अब तक: एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीम मैनुअल कटर और सेंसर्स की मदद से मलबे को धीरे-धीरे हटा रही है ताकि अंदर फंसे किसी भी छात्र को चोट न पहुंचे. कई घायलों को निकालकर एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया जा चुका है. अलग-अलग रिपोर्टों में 30 से 50 लोगों तक के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई है.


बीजेपी एमएलए ने क्या कहा?

हादसे की खबर मिलते ही मौके पर पहुंचे भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'यह बेहद दर्दनाक और दुखद घटना है. इस इमारत में देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों से आए मासूम छात्र अपनी पढ़ाई के सिलसिले में पीजी में रह रहे थे. इमारत गिरने से कई छात्र मलबे में दब गए हैं. कुछ बच्चों ने मलबे के अंदर से फोन कर मदद मांगी है. प्रशासन, एनडीआरएफ और पुलिस की टीमें पूरी ताकत से उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में जुटी हैं.'

सत्य निकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से सटा हुआ इलाका है, जहां हजारों छात्र-छात्राएं किराए पर रहते हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुरानी और जर्जर इमारतों में मानकों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से अवैध निर्माण और बेसमेंट की खुदाई की जाती है. हादसे के कारणों को लेकर भी सवाल उठने लगे. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें युद्धस्तर पर रेस्क्यू में लगी हैं. एहतियात के तौर पर पास की इमारत को भी खाली कराया गया है.

No comments