मुंबई में बिना पूछे कपड़े पहने तो दोस्त ने पत्थर से कुचल डाला, उधर पुणे में आधी रात लड़की के लिए किडनैपिंग का ड्रामा

महाराष्ट्र से दो हैरान करने वाली घटनाएं सामने आई हैं. मुंबई के गोरेगांव में दोस्ती का खौफनाक अंत हो गया. यहां एक युवक ने अपने ही दोस्त को सिर्फ इसलिए मौत के घाट उतार दिया, क्योंकि उसने बिना पूछे उसके कपड़े इस्तेमाल किए थे.
यह मर्डर पत्थर से कुचलकर किया गया. दूसरी घटना पुणे के नारायण पेठ इलाके की है. वहां एक लड़की से बात करने पर कुछ लोगों ने एक छात्र को किडनैप कर लिया. अपहरणकर्ताओं ने काले रंग की स्कॉर्पियो का इस्तेमाल किया. हालांकि पुणे पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए छात्र को सुरक्षित बचा लिया है. दोनों ही घटनाओं ने लोगों को सन्न कर दिया है. छोटी-छोटी बातों पर लोगों का गुस्सा अब जानलेवा साबित हो रहा है.
मुंबई में कपड़ों के लिए दोस्त को क्यों दी इतनी भयानक मौत?
गोरेगांव वेस्ट के फुटपाथ पर रहने वाले दो दोस्तों के बीच खूनी खेल खेला गया. 26 साल के सूरज डोले और 37 साल के बाबासाहेब उर्फ सुबोध वाघमारे के बीच गहरी दोस्ती थी. वाघमारे जानवरों की देखभाल का काम करता था. विवाद तब शुरू हुआ जब सूरज ने वाघमारे के कपड़े और एक बैग बिना इजाजत ले लिए. नौ सितंबर की रात करीब साढ़े ग्यारह बजे दोनों के बीच इसी बात पर भयंकर बहस हुई. उनके एक कॉमन फ्रेंड सुधांशु पांडे ने बीच-बचाव करने की कोशिश की. वाघमारे ने सुधांशु को बताया कि सूरज अक्सर उसकी चीजें बिना पूछे इस्तेमाल करता है.
मामूली गाली-गलौज के बाद आरोपी ने कैसे किया यह खौफनाक मर्डर?
पुलिस की एफआईआर के मुताबिक बहस के दौरान सूरज ने वाघमारे को कुछ अपशब्द कह दिए. इस पर वाघमारे का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. उसने पहले सूरज को बुरी तरह पीटा. फिर उसने पास पड़ा एक भारी पत्थर उठाया और सूरज के चेहरे पर दे मारा. सूरज को गंभीर चोट आई और उसका बहुत खून बहने लगा. हमले के तुरंत बाद आरोपी वाघमारे वहां से फरार हो गया. बाद में सूरज की मौके पर ही मौत हो गई. गोरेगांव पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. इस घटना पर एक पुलिस अफसर ने कहा, 'हम आरोपी की तलाश कर रहे हैं'.
पुणे में लड़की से बात करने पर आखिर क्यों हुआ छात्र का अपहरण?
मुंबई की घटना के अलावा पुणे से भी एक हैरान करने वाला मामला सामने आया. पुणे के नारायण पेठ इलाके में एक 28 साल के युवक का अपहरण कर लिया गया. युवक का नाम प्रसाद सूर्यवंशी है. वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था. घटना गुरुवार रात करीब 12:30 बजे की है. दो लोगों ने प्रसाद की एक महिला मित्र से बातचीत पर कड़ी आपत्ति जताई. इसके बाद विवाद बढ़ गया. आरोपियों ने प्रसाद को एक काली स्कॉर्पियो गाड़ी में जबरन बैठा लिया और वहां से फरार हो गए.
इमरजेंसी कॉल के बाद पुणे पुलिस ने कैसे बचाई छात्र की जान?
जैसे ही यह अपहरण हुआ, किसी ने तुरंत इमरजेंसी नंबर 112 पर पुलिस को कॉल कर दिया. कॉल करने वाले ने बताया कि पेरूगेट पुलिस चौकी के पास से एक युवक को किडनैप किया गया है. सूचना मिलते ही पुणे पुलिस एक्शन में आ गई. पुलिस की कई टीमों ने स्कॉर्पियो का लोकेशन ट्रेस करना शुरू कर दिया. अपहरणकर्ता कार को सिंहगढ़ रोड की तरफ ले जा रहे थे. पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में गाड़ी का पीछा किया. रात करीब 1:23 बजे पुलिस ने गाड़ी को रोक लिया. पुलिस ने प्रसाद को सुरक्षित रेस्क्यू किया और दो संदिग्धों को अरेस्ट कर लिया.
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