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मासूम की मौत से मचा हड़कंप! हाथ-पैर बंधे मिलने का दावा, पुलिस कार्रवाई पर परिजनों ने उठाए सवाल..

 

मासूम की मौत से मचा हड़कंप! हाथ-पैर बंधे मिलने का दावा, पुलिस कार्रवाई पर परिजनों ने उठाए सवाल


हरियाणा के सोनीपत में एक मासूम बच्ची की मौत के बाद मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है। बच्ची की मौत से दुखी परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया।


परिवार और रिश्तेदार बच्ची के शव को लेकर सेक्टर-15 स्थित श्मशान घाट के बाहर धरने पर बैठ गए और मामले में उचित कार्रवाई की मांग करने लगे।

परिजनों का आरोप है कि बच्ची जिन परिस्थितियों में मिली, वे बेहद गंभीर सवाल खड़े करती हैं। परिवार का कहना है कि बच्ची के हाथ-पैर बंधे हुए थे और उसके शरीर पर कपड़े नहीं थे। इन्हीं परिस्थितियों को आधार बनाकर परिजनों ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच करने और आवश्यक कानूनी धाराओं में कार्रवाई करने की मांग की है।

परिवार की ओर से यह भी सवाल उठाया गया कि मामले में पॉक्सो एक्ट यानी POCSO Act के तहत कार्रवाई क्यों नहीं की गई। हालांकि, किसी मामले में कौन-कौन सी धाराएं लागू होंगी, यह जांच, मेडिकल रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय किया जाता है। पुलिस ने भी परिवार को आश्वासन दिया है कि मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टरों की राय के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अंतिम संस्कार से पहले धरने पर बैठे परिजन

बच्ची की मौत के बाद परिवार के सामने सबसे कठिन समय था, लेकिन अंतिम संस्कार से पहले परिजनों ने पुलिस कार्रवाई को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। परिवार और रिश्तेदार शव को लेकर सेक्टर-15 के श्मशान घाट पहुंचे, लेकिन वहां अंतिम संस्कार करने के बजाय धरने पर बैठ गए।

परिजनों की मांग थी कि मामले की निष्पक्ष और गंभीरता से जांच की जाए तथा उन्हें यह स्पष्ट किया जाए कि बच्ची की मौत किन परिस्थितियों में हुई। परिवार का कहना है कि जब तक उनकी शिकायत और आरोपों के अनुसार उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

धरने की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पुलिस पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों और वहां मौजूद अन्य लोगों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया।

परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

परिवार की ओर से पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। परिजनों का आरोप है कि बच्ची की स्थिति को देखते हुए मामले में गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई होनी चाहिए थी।

परिवार ने विशेष रूप से पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि घटना की परिस्थितियों को देखते हुए पूरे मामले की जांच सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर की जानी चाहिए।

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जांच में पुलिस के सामने कौन-कौन से तथ्य आए हैं और मेडिकल जांच की अंतिम रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष सामने आया है। ऐसे में किसी भी आरोप को अंतिम तथ्य मानने के बजाय जांच पूरी होने का इंतजार करना जरूरी है।

पिता ने भावुक होकर रखी अपनी बात

धरने के दौरान बच्ची के पिता भावुक नजर आए। उन्होंने अपनी बेटी की मौत को लेकर दुख व्यक्त करते हुए पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष जताया। पिता ने कहा कि उनका परिवार अपनी मासूम बच्ची को खो चुका है और अब वह न्याय की मांग कर रहा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर हो रहे कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए अपनी पीड़ा सामने रखी। पिता का कहना था कि एक तरफ देश में जन्मदिन के कार्यक्रम मनाए जा रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ उनका परिवार बच्ची की मौत के बाद न्याय के लिए संघर्ष कर रहा है।

परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत और उनके द्वारा बताए गए तथ्यों के अनुसार कार्रवाई नहीं की। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उन पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध जानकारी से नहीं हुई है।

समाजसेवी भी पहुंचे श्मशान घाट

मामले की जानकारी मिलने के बाद समाजसेवी देवेंद्र गौतम भी सेक्टर-15 स्थित श्मशान घाट पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से बातचीत की और उन्हें ढांढस बंधाने का प्रयास किया।

देवेंद्र गौतम ने परिवार की बात सुनी और न्याय की मांग का समर्थन किया। ऐसे संवेदनशील मामलों में स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी परिवार को अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाने में मदद कर सकती है।

घटना के बाद श्मशान घाट के बाहर लोगों की भीड़ जमा होने से पुलिस को भी स्थिति संभालने के लिए मौके पर मौजूद रहना पड़ा।

मोहाना थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ पहुंचे

धरने की सूचना मिलने के बाद मोहाना थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारी ने परिजनों से बातचीत की और उन्हें समझाने का प्रयास किया।

थाना प्रभारी ने परिवार को भरोसा दिलाया कि उनके बयान और मामले से जुड़े तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की ओर से कहा गया कि जांच में सामने आने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टरों की राय मामले में महत्वपूर्ण होगी। इन्हीं रिपोर्टों के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किन कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जानी है।

मेडिकल रिपोर्ट से साफ होगी तस्वीर

ऐसे मामलों में मेडिकल जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। इन रिपोर्टों से जांच एजेंसियों को मौत की परिस्थितियों और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को समझने में सहायता मिल सकती है।

परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच भी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जानी होगी। पुलिस को घटनास्थल, संबंधित लोगों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य संभावित साक्ष्यों को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ानी होगी।

फिलहाल परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों और पुलिस की जांच के बीच कई सवाल ऐसे हैं, जिनका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

POCSO Act को लेकर परिवार की मांग

परिवार ने मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है। पॉक्सो कानून बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाया गया है। किसी मामले में इस कानून की धाराएं लागू होंगी या नहीं, यह घटना की प्रकृति और जांच में सामने आए तथ्यों पर निर्भर करता है।

इस मामले में परिवार का कहना है कि बच्ची जिस स्थिति में मिली, उसे देखते हुए इस पहलू की भी जांच होनी चाहिए। पुलिस ने परिवार को आश्वासन दिया है कि मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टरों की राय के आधार पर आवश्यक धाराएं तय की जाएंगी।

इससे साफ है कि मामले की आगे की दिशा जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।

परिवार की मुख्य मांग क्या है?

बच्ची के परिवार की मुख्य मांग मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की है। परिवार चाहता है कि घटना की परिस्थितियों को पूरी गंभीरता से देखा जाए और किसी भी महत्वपूर्ण तथ्य को नजरअंदाज न किया जाए।

परिजन यह भी चाहते हैं कि पुलिस उन्हें जांच की प्रगति और कानूनी कार्रवाई के बारे में जानकारी दे। इसी मांग को लेकर उन्होंने अंतिम संस्कार रोककर प्रशासन के सामने अपनी बात रखी।

पुलिस के आश्वासन के बाद क्या होगा?

मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी ने परिवार को आश्वासन दिया कि मामले में उनके बयान और जांच से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट को भी महत्वपूर्ण बताया है।

अब जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों पर सबकी नजर रहेगी। अगर जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो पुलिस उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई कर सकती है।

वहीं, यदि आरोपों से अलग कोई तथ्य जांच में सामने आता है, तो उसी के आधार पर मामले को आगे बढ़ाया जाएगा। इसलिए अभी किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।

सोनीपत में मासूम बच्ची की मौत के बाद परिवार द्वारा अंतिम संस्कार से इनकार कर श्मशान घाट के बाहर धरना देने से मामला गंभीर चर्चा का विषय बन गया है। परिजनों ने बच्ची के साथ हुई कथित परिस्थितियों को लेकर कई सवाल उठाए हैं और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस मौके पर पहुंची और परिवार से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। थाना प्रभारी ने भरोसा दिलाया कि मेडिकल रिपोर्ट, डॉक्टरों की राय, परिवार के बयान और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू निष्पक्ष जांच है। बच्ची की मौत की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं, परिवार के आरोपों में कितनी सच्चाई है और किन कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई बनती है-इन सवालों का जवाब जांच और मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

परिवार अपनी मासूम बच्ची को खो चुका है और अब उसकी मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो तथा यदि किसी की आपराधिक भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाए। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और पुलिस इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है।

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