Recent Posts

Breaking News

आधार फिंगरप्रिंट फेल होने पर भी नहीं रुकेगा काम, सरकार ने शुरू किया पहचान का नया विकल्प!


सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (नई दिल्ली) ने हाल ही में जारी अपने एक नोटिफिकेशन में साफ किया है कि सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए अगर किसी व्यक्ति के पास आधार कार्ड नहीं है, तब भी उसे सहायता से वंचित नहीं किया जा सकता।

ये आदेश आधार अधिनियम, 2016 की धारा 7 के तहत अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के बच्चों के लिए 'फ्री कोचिंग योजना' (पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन) और 'टॉप क्लास एजुकेशन छात्रवृत्ति योजना' से संबंधित है। मंत्रालय ने दिशा-निर्देश जारी किया है कि आधार (AADHAAR) न होने की स्थिति में किन वैकल्पिक दस्तावेजों से सत्यापन पूरा किया जाएगा।

योजनाओं के लिए जारी आदेश के साथ मुख्य उद्देश्य

मंत्रालय की ओर से जारी ये अधिसूचना विशेष रूप से अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सही और जरूरतमंद लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही, सरकारी सहायता के वितरण में पारदर्शिता लाते हुए नामांकन प्रक्रिया को बेहद सरल और सुलभ बनाना है, ताकि कोई भी पात्र छात्र शिक्षा और वित्तीय मदद से वंचित न रहे।

18 साल से कम उम्र के लाभार्थियों के लिए दस्तावेज

अगर 18 वर्ष से कम आयु वाले किसी लाभार्थी का आधार कार्ड नहीं बना है या उसे आधार नंबर आवंटित नहीं हुआ है, तो वो किसी भी एक दस्तावेज के माध्यम से अपना सत्यापन करा सकता है।

  • नामांकन रसीद: आधार नामांकन की रसीद, जिसमें एनरोलमेंट आईडी अंकित हो।
  • प्रमाण पत्र: जन्म प्रमाण पत्र, मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं या 12वीं की मार्कशीट/सर्टिफिकेट, अथवा मान्यता प्राप्त बाल संरक्षण संस्थान की ओर से जारी जन्मतिथि प्रमाण पत्र।
  • अभिभावक के दस्तावेज: माता-पिता या कानूनी अभिभावक का राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, पासपोर्ट अथवा मार्कशीट।
  • विशेष मामले: कानूनी अभिभावक होने की स्थिति में सक्षम अधिकारी या न्यायालय का आदेश; तथा विदेशी नागरिकों के लिए OCI कार्ड, नेपाली/भूटानी पासपोर्ट या निर्धारित वीजा।

18 वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए पहचान पत्र

18 वर्ष से अधिक आयु के अभ्यर्थियों के लिए भी आधार न होने की स्थिति में विकल्प दिए गए हैं। ऐसे लाभार्थी अपनी आधार एनरोलमेंट रसीद के साथ किसी भी एक फोटो युक्त पहचान पत्र का उपयोग कर सकते हैं।

  • लाभार्थी अपने फोटो पहचान पत्र के रूप में मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, जाति अथवा निवास प्रमाणपत्र, मेडिकल अथवा बीमा पहचान पत्र, पासपोर्ट, 10वीं अथवा 12वीं की मार्कशीट या सर्टिफिकेट भी लगा सकते हैं।
  • सरकारी कर्मचारी या सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी का पहचान पत्र, दिव्यांग प्रमाण पत्र, डाइविंग लाइसेंस का भी इस्तेमाल भी किया जा सकता है। लीगल गार्जियन के लिए कोर्ट के आदेश की जरूरत पड़ेगी।

बायोमीट्रिक ऑथेंटिकेशन फेल होने पर अपनाए जाने वाले तरीके

अगर सत्यापन के दौरान किसी लाभार्थी का फिंगरप्रिंट बायोमीट्रिक फेल हो जाता है, तो प्रक्रिया को रोकने के बजाय अन्य तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। फिंगरप्रिंट की जगह चेहरे की पहचान (Face Authentication) या आंख की पुतली (Iris Scan) का उपयोग होगा। ये भी संभव न हो, तो रजिस्टर्ड मोबाइल पर प्राप्त OTP के जरिए सत्यापन किया जाएगा। अंतिम विकल्प के रूप में QR कोड या ऑफलाइन ई-केवाईसी (UIDAI डिजिटल हस्ताक्षर जांच के अधीन) से पहचान की पुष्टि की जाएगी।

देनी होगी आधार प्रमाणीकरण या आधार रखने का प्रमाण

इन सबके बावजूद, केंद्र सरकार ने 'पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन' योजना के तहत छात्रवृत्ति का लाभ लेने के लिए आधार प्रमाणीकरण या आधार संख्या रखने का प्रमाण देना अनिवार्य कर दिया है। ये अलग बात है कि आधार प्रमाणीकरण में विफल रहने या आधार संख्या आवंटित नहीं होने के कारण किसी भी बच्चे को सहायता से वंचित नहीं किया जाएगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने जारी अधिसूचना में कहा कि पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत विशेष छात्रवृत्ति योजना के लाभार्थियों को आधार प्रमाणीकरण कराना होगा या आधार संख्या रखने का प्रमाण देना होगा। इस योजना के तहत पहली कक्षा से 12वीं तक की पढ़ाई जारी रखने के लिए सहायता दी जाती है।

किसी भी बच्चे को लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा

हालांकि, अधिसूचना के पैराग्राफ चार में कहा गया है कि योजना के तहत किसी भी बच्चे को लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा, भले ही वह प्रमाणीकरण के जरिये अपनी पहचान साबित करने या आधार संख्या रखने का प्रमाण देने में विफल रहे अथवा उसने आधार के लिए नामांकन का आवेदन किया हो, लेकिन उसे अभी तक आधार संख्या आवंटित नहीं की गई हो। ऐसे मामलों में बच्चे की पहचान सत्यापित करने और अधिसूचना में बताए गए दस्तावेजों के जरिये उसके माता-पिता या कानूनी अभिभावक के साथ संबंध स्थापित करने के बाद लाभ दिया जाएगा। जिन लाभार्थियों को अभी तक आधार संख्या आवंटित नहीं हुई है, उन्हें आधार के लिए नामांकन कराना होगा। बच्चे के मामले में यह आवेदन केवल माता-पिता या कानूनी अभिभावक की सहमति से किया जा सकेगा। विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि जिन लाभार्थियों का अभी तक नामांकन नहीं हुआ है, उनका नामांकन कराया जाए और उनके आधार विवरण को अद्यतन करने में सहायता दी जाए।

No comments