गंडक की बाढ़ में घर बहा, बेटी की शादी पर संकट. समधी के एक भरोसे ने टूटते पिता को संभाल लिया.

Bettiah News: बिहार के बेतिया में गंडक नदी की बाढ़ ने कई परिवारों की जिंदगी उजाड़ दी है. बैरिया प्रखंड के फुलियाखांड़ में चंपारण तटबंध टूटने के बाद कई घर पानी की तेज धारा में बह गए.
इन्हीं परिवारों में बिंदेश्वरी दास का परिवार भी है. करीब दो महीने पहले बनाया गया उनका पक्का मकान बाढ़ में पूरी तरह बह गया. घर के साथ बेटी की शादी के लिए जुटाया गया सामान, कपड़े और जरूरत की दूसरी चीजें भी पानी में बह गईं. ऐसे में पिता के सामने घर बसाने के साथ बेटी की शादी कराने की भी बड़ी चिंता खड़ी हो गई.
बाढ़ में बह गया घर और शादी का सामान
बिंदेश्वरी दास का परिवार नौतन और बैरिया प्रखंड की सीमा पर स्थित फुलियाखांड़ में रहता था. चंपारण तटबंध टूटने के बाद गंडक नदी की तेज धारा गांव में घुस गई. देखते ही देखते बिंदेश्वरी का करीब दो महीने पहले बना पक्का मकान पानी में बह गया. घर के अंदर रखा सामान भी नहीं बच सका. बेटी रागिनी उर्फ अमृता की शादी के लिए परिवार ने जो कपड़े और दूसरी जरूरी चीजें जुटाई थीं, वे भी बाढ़ की भेंट चढ़ गईं. बताया जा रहा कि तटबंध करीब 200 फीट तक टूट गया था, जिससे आधा दर्जन से ज्यादा परिवार प्रभावित हुए.
तटबंध पर पन्नी के नीचे रहने को मजबूर परिवार
घर बहने के बाद बिंदेश्वरी दास अपने परिवार के साथ तटबंध पर प्लास्टिक की पन्नी के सहारे रहने को मजबूर हैं. उनके पास न रहने के लिए घर बचा है और न ही जरूरत का सामान. बिंदेश्वरी बताते हैं कि घर में पहनने के लिए कपड़े तक नहीं बचे, लेकिन इस बदहाली में भी उन्हें सबसे ज्यादा चिंता अपनी बेटी रागिनी की शादी की थी. रागिनी का रिश्ता पूर्वी चंपारण के पहाड़पुर प्रखंड के नोनेया गांव में तय हुआ है. इसी नवंबर में उसकी शादी होनी थी. बाढ़ के बाद बिंदेश्वरी को समझ नहीं आ रहा था कि अब बेटी के हाथ पीले कैसे होंगे.
समधी ने बढ़ाया हौसला, कहा- शादी की चिंता मत कीजिए
जब बेटी के ससुराल वालों को बिंदेश्वरी की स्थिति के बारे में पता चला तो उन्होंने इंसानियत की मिसाल पेश की. रागिनी के होने वाले ससुर यानी बिंदेश्वरी के समधी ने उन्हें भरोसा दिया कि आपदा पर किसी का बस नहीं चलता. समधी ने कहा कि अभी शादी के खर्च और व्यवस्था की चिंता करने की जरूरत नहीं है. पहले पानी पूरी तरह उतरने दें और हालात सामान्य होने दें. इसके बाद दोनों परिवार बैठकर शादी की नई तारीख तय कर लेंगे.
समधी के इन शब्दों ने बाढ़ में सब कुछ खो चुके बिंदेश्वरी को बड़ा सहारा दिया. जिस पिता को अपनी बेटी की शादी को लेकर चिंता सता रही थी, उसे अब कम से कम यह भरोसा मिला कि रिश्ते की तरफ से उस पर कोई दबाव नहीं है.
सांसद पप्पू यादव ने दी 10 हजार की मदद
रविवार देर शाम सांसद पप्पू यादव भी बाढ़ प्रभावित लोगों का हाल जानने फुलियाखांड़ पहुंचे. उन्होंने तटबंध पर रह रहे बिंदेश्वरी दास से मुलाकात की और उनकी स्थिति जानी. सांसद ने तत्काल 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी. इसके साथ ही उन्होंने बिंदेश्वरी के नए मकान के पुनर्निर्माण में सहयोग का आश्वासन भी दिया. बाढ़ के कारण अपना घर गंवा चुके परिवार के लिए यह मदद काफी अहम मानी जा रही है.
कांग्रेस नेता ने उठाई बेटी की शादी की जिम्मेदारी
वहीं, बिहार प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष अमित गिरी ने भी बिंदेश्वरी परिवार की मदद का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि रागिनी की शादी का पूरा खर्च वह उठाएंगे. इस तरह बाढ़ ने जहां एक परिवार का घर और वर्षों की मेहनत छीन ली, वहीं मुश्किल वक्त में रिश्तेदारों और लोगों की मदद ने बिंदेश्वरी के परिवार को नया हौसला दिया है.
27 सितंबर को गंडक बराज से करीब 5.43 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी में दबाव बढ़ा था, जिसके बाद चंपारण तटबंध टूट गया था. इस आपदा ने कई परिवारों को बेघर कर दिया, लेकिन बिंदेश्वरी की कहानी में रिश्ते और इंसानियत की एक ऐसी तस्वीर भी सामने आई है, जो इस त्रासदी के बीच उम्मीद जगाती है.
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