Hamirpur: एक क्लिक पर मिलेगी गैजेटियर, दुर्लभ किताबों की जानकारी

यासतों के समय के राजपत्रों (गैजेटियर) से लेकर ब्रिटिश सरकार और आधुनिक गैजेटियर की जानकारी अब लोगों को ऑनलाइन उपलब्ध होगी। यह जानकारी ऑनलाइन होने से हर प्रदेश की संस्कृति, लोगों, व्यापार के साधन, यातायात के साधन, परंपराएं, जेल, कानून आदि की जानकारी लोगों को मिलेगी। राजपत्रों में ऐसी जानकारी उपलब्ध रहती है।
नेशनल लाइब्रेरी मिशन में नेशनल वर्चुअल लाइब्रेरी प्रोजेक्ट के तहत प्रत्येक राज्य में सरकार ने नोडल अधिकारी नियुक्त कर पुरानी व दुर्लभ किताबें, राजपत्र एकत्रित करने के निर्देश दिए हैं। भाषा एवं संस्कृति मंत्रालय ने किस जिले के पास क्या विशेष राजपत्र या किताब है, इसकी जांच के निर्देश दिए हैं।
देशभर में मौजूद ऐसे राजपत्रों, पुरानी व दुर्लभ किताबों की जानकारी जुटाकर मंत्रालय इनका डिजिटाइजेशन करेगा। गौर हो कि पहले गैजेट विभाग कार्यरत था, जिसे समाप्त कर उसके स्टाफ को आपदा प्रबंधन में मर्ज कर दिया गया था और प्रॉपर्टी भाषा एवं संस्कृति विभाग को दे दी थी। देशभर से ऐसे गैजेटियर लाइब्रेरियों, मंदिरों या जिला प्रशासन व राज्य के संग्रहालय से जुटाए जा रहे हैं।
हिमाचल से भी जानकारी कालक्रमानुसार मंत्रालय को दी गई है। राज्य में नियुक्त नोडल अधिकारी ने उपायुक्तों को इस संबंध में जानकारी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए थे। प्रदेश से नोडल अधिकारी और उपनिदेशक अभिलेखागार व भाषा प्रेम प्रसाद पंडित ने कहा कि मंत्रालय ने गैजेटियर एकत्रित कर उसकी रिपोर्ट देने के निर्देेश दिए थे। प्रदेश से एकत्रित गैजेटियर मंत्रालय को सौंपे गए हैं।
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