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Mandi: लोगों को फिर भा रहे हैं मिट्टी के बर्तन, पौष्टिकता के साथ स्‍वाद भी बरकरार

लोगों को फिर भा रहे हैं मिट्टी के बर्तन, पौष्टिकता के साथ स्‍वाद भी बरकरार

मंडी। अब खाना जल्द पकेगा व पौष्टिक तत्व भी नष्ट नहीं होंगे। मिट्टी से बने कुक्कर, तवा, पानी की बोतल व दूध जमाने की हांडी लोगों के स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखेगी। पकने के बाद भी डेढ़ घंटे तक खाना ठंडा नहीं होगा। मानव सभ्यता के विकास के साथ वजूद में आए मिट्टी के बर्तन एक बार फिर से लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने लगे हैं।

मिट्टी के बर्तन खरीदने के लिए लोगों की उमड़ी भीड़ 

अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में लोगों को लाल मिट्टी से बने बर्तन खूब भा रहे हैं। हरियाणा के अबांला शहर से आए बर्तन विक्रेता धमेंद्र कुमार ने यहां सरस मेला में मिट्टी के बर्तनों का स्टाल लगा रखा है। मिट्टी के बर्तन खरीदने व देखने लोगों की भीड़ उमड़ रही है। लोग अपनी जिज्ञासा शांत करने के लिए मिट्टी के बर्तनों की खासियत जान रहे हैं।

पौष्टिकता और स्‍वाद का खजाना
बर्तनों में मिट्टी का तवा, पानी की बोतल, प्रेशर कुक्कर, दाल की हांडी, दही की हांडी, कैंफर, गिलास व कप आदि शामिल हैं। एल्यूमिनियम के बर्तनों में खाना पकाने से पौष्टिक तत्व काफी मात्रा में नष्ट हो जाते हैं। खाना भी इतना स्वादिष्ट नहीं रहता है। मिट्टी के बर्तनों में पका भोजन पौष्टिक होने के साथ स्वादिष्ट भी होता है। लोहा उष्मा का सुचालक होता है। इससे तवे पर रोटी सिकती है। इसके विपरीत मिट्टी के तवे की रोटी पूरी तरह से पकती है। मिट्टी में 8 प्रकार के सूक्ष्म तत्व पाए जाते हैं जो खाने के विभिन्न माध्यमों से हमारे शरीर में जाते हैं।
दाम भी कम

 
एल्यूमिनियम के बर्तन में खाना पकाने से 87 फीसद पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। पीतल के बर्तन में सात व कांसे के बर्तन में तीन फीसद पोषक तत्व नष्ट होते हैं। मिट्टी के बर्तन में पोषकता 100 फीसद बनी रहती है। एल्यूमिनियम, पीतल व कांसे के बर्तन में पका खाना जल्द ठंडा हो जाता है। मिट्टी के बर्तन में डेढ़ घंटे तक खाना गर्म रहता है। बार-बार खाना गर्म करने के झंझट से छुटकारा मिलता है। बिजली व गैस की बचत भी होती है। बर्तन सस्ते भी हैं। 200 रुपये में दो तवे मिल रहे हैं। तीन लीटर का कुक्कर 1300 रुपये में बिक रहा है। लाल मिट्टी से बर्तन बनाकर फिर उन्हें फरनेंस में 900 डिग्री तापमान में पकाया जाता है। 

मिट्टी के बर्तनों में भोजन बनाने से पौष्टिक तत्व नष्ट नहीं होते हैं। उल्टा बर्तनों में मौजूद पौष्टिक

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