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Una: सोसायटी से अमानत न मिलने पर भड़के खाता धारक

दियोली सोसायटी खाता धारकों की अमानत न मिलने पर बैठक के दौरान ग्रामीण।

दौलतपुर चौक/गगरेट (ऊना)। बहुचर्चित दियोली सहकारी सभा के 11.70 करोड़ के घोटाले की चिंगारी फिर सुलग उठी है। दियोली सहकारी सभा के खाताधारकों ने प्रदेश सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। इसमें कहा गया कि यदि इस मामले में 15 दिन में किसी भी तरह की जांच न की तो 1800 खाताधारक सड़क पर उतर कर धरना प्रदर्शन करेंगे।

रविवार को दियोली सहकारी सभा के प्रधान सुरेंद्र ठाकुर की अगुवाई में सभा के प्रांगण में बैैैठक हुुई। इस अवसर पर ग्राम पंचायत प्रधान किरण बाला, तरसेम सिंह, सूरज सिंह, राजेंद्र सिंह, रछपाल सिंह, कैप्टन कुलदीप, सूबेदार स्वर्ण सिंह, अजमेर सिंह, द्वारपाल, सुदेश कुमारी, पुष्पा देवी, सुषमा देवी सहित कई अन्य खाताधारक उपस्थित रहे। खाता धारकों ने कहा कि पैसे की मांग को लेकर लगभग एक साल से खाताधारक लगातार सरकार को अलग-अलग साधनों से मांग रख रहे हैं। इसके बावजूद कोई भी एजेंसी उनकी फरियाद नहीं सुन रही है।

खाताधारकों ने विधायक से लेकर प्रधानमंत्री तक को इस विषय में पत्र लिखा है। इसके बावजूद मामले की जांच आगे नहीं बढ़ रही है। सभा के सदस्य ने वर्ष 2018 में मामला सहकारी सभा विभाग ऊना के समक्ष उठाया था। उसके बाद विभागीय जांच हुई। विभाग ने सभा सचिव के खिलाफ एफआईआर करवाकर पुलिस को कार्रवाई के लिए कहा गया था, लेकिन पुलिस द्वारा जांच को पिछले छह महीने से लटका कर रखा गया। सभा सदस्यों ने जांच को आगे बढ़ती न देख जनमंच में मामला उठाया और विजिलेंस की जांच की मांग की। इसे मौके पर मान लिया गया लेकिन उस पर कोई भी करवाई नहीं हुई। अब खाताधारकों ने सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। यदि इस मामले में किसी भी तरह की जांच न हुई तो खाताधारक प्रदर्शन करेंगे।

यह मामला
नवंबर-2019 में दियोली सहकारी सभा का चुनाव हुए। नई कमेटी ने कार्यभार संभाला। सभा की साधारण बैठक में सभा का एक सदस्य ऋण लेने के लिए आया। लेकिन सचिव ने ये कह कर मना कर दिया कि सभा के पास पैसे नहीं हैं। उसके बाद सभा की कमेटी ने मामले की शिकायत सहकारी विभाग से की। इसमें पाया कि सभा 2016 में 8 करोड़ 36 लाख की थी और अचानक से अगले वर्ष 14 करोड़ 27 लाख हो गई। ये वही वर्ष था जिस वर्ष नोटबंदी भी हुई। 31 अगस्त 2019 को जब सभा का ऑडिट विभाग ने किया तो पाया कि सभा 17 करोड़ 7 लाख की है। इसमें मात्र 2 करोड़ रुपये ऋण हैं। बाकी पैसा कहां है किसी को मालूम नहीं। सहकारिता विभाग ने 11 करोड़ 70 लाख के गबन का आरोपी सभा सचिव को माना। इसकी एफआईआर 17 सिंतबर 2019 को दर्ज करवाई। इसके बाद सभा सदस्यों ने लगातार अलग-अलग जगहों पर शिकायतें कीं। इसका कोई भी हल नहीं हुआ।

सचिव के खिलाफ नहीं हुई कार्रवाई : सुरेंद्र
दियोली सभा के प्रधान सुरेंद्र सिंह ने कहा कि सभा ने सरकार को इस बारे में बार-बार लिखा। मामला जनमंच में भी उठाया, लेकिन सभा सचिव के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

दोषी हुआ तो दूंगा लोगों की पाई-पाई : जितेंद्र
सभा सचिव जितेंद्र कुमार ने कहा कि कमेटी री ऑडिट क्यों नहीं करवा रही, जबकि सभी अधिकार उसके पास हैं। यदि वे दोषी निकलते हैं तो पाई-पाई लोगों की देंगे।

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