Hamirpur: सरकार ने बेरोजगारों की फीस को बनाया कमाई का जरिया : राजेंद्र राणा

हमीरपुर: प्रदेश सरकार बेरोजगारी की निरंतर विकराल हो रही समस्या पर गंभीरता से प्रयास करे। प्रदेश की युवा पीढ़ी प्रदेश के भविष्य की धरोहर है। उनकी समस्याओं को हल करना हर सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। यह बात सुजानपुर के कांग्रेस विधायक राजेंद्र राणा ने जारी प्रैस बयान में कही। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी को लेकर हताश व निराश हो चुके युवाओं की मनोदशा का प्रभाव उनके परिवारों पर भी पड़ रहा है, जिसके कारण सरकार के प्रति अविश्वास की स्थिति जनता के मनों में घर चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 6 करोड़ 85 लाख रुपए से अधिक की राशि बेरोजगारों की भर्ती के नाम पर आवेदनों से कमा ली है लेकिन विवादों में घिरी पटवारियों की नियुक्ति में नौकरी मिलेगी या नहीं यह अभी तक तय नहीं है।
बेरोजगारी से जूझ रहे युवाओं के हितों से हो रहा खिलवाड़
उन्होंने कहा कि होना तो यह चाहिए था कि सरकार भर्तियों में आवेदनों की फीस पूरी तरह माफ करती लेकिन सरकार अब इस फीस को ही आमदन का जरिया बना बैठी है और अब पटवारी भर्ती की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। इस भर्ती के लिए प्रदेशभर से कुल 3 लाख 4 हजार 955 आवेदन प्राप्त हुए हैं तथा भर्ती फीस के माध्यम से 7 करोड़ के करीब सरकार को प्राप्त हुए हैं और अब सरकार ने साफ कर दिया है कि भर्तियों के दौरान दी जाने वाली फीस को माफ नहीं किया जा सकता है जोकि बेरोजगारी से जूझ रहे युवाओं के हितों से खिलवाड़ है।
किसी पार्टी चीफ की प्रशंसा करने से सार्थक नहीं होता अभिभाषण
वहीं बीजेपी चीफ डॉ. राजीव बिंदल के बयान पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की नीतियों के लिए भविष्य का आईना होता है लेकिन अगर अपनी ही पार्टी के लोगों के लिए यह प्रशंसा का पात्र बने और विपक्ष की आलोचना का जरिया बने तो ऐसी प्रशंसा से जनता का कोई भला नहीं होता है। अभिभाषण की प्रशंसा प्रदेश की जनता करे व जनता को उसमें सुविधाओं का खाका दिखे तब ऐसे अभिभाषण सार्थक माने जा सकते हैं न कि किसी पार्टी चीफ की प्रशंसा करने से।
प्रदेश की सडकों की हालत बद से बदतर क्यों?
उन्होंने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि अगर सैंट्रल रोड फंड में करोड़ों रुपए की राशि का इजाफा हुआ है तो फिर प्रदेश की सडकों की हालत बद से बदतर क्यों हो रही है? क्या सरकार इस फंड का प्रयोग सड़कों की दशा सुधारने के लिए नहीं कर पा रही है? प्रधानमंत्री सड़क योजना के बजट पर उन्होंने कहा कि पीएमजीएसवाई में अब हजारों करोड़ रुपए राज्य सरकार को मिल रहे हैं तो राज्य सरकार पीएमजीएसवाई सड़कों पर ध्यान क्यों नहीं दे पा रही है।
No comments