Himachal: हिमाचल में आया कोरोनावायरस का पहला संदिग्ध मामला, सैंपल लेकर जांच को पुणे भेजे

हिमाचल में कोरोनावायरस का पहला संदिग्ध मरीज सामने आया है। 32 वर्षीय संदिग्ध व्यक्ति बिलासुपर का रहने वाला है और बीती 29 फरवरी को दक्षिण कोरिया से दिल्ली के बाद घर पहुंचा। सोमवार रात उसे गले में खराश होने लगी। मंगलवार को एहतियातन स्वास्थ्य विभाग को फोन पर सूचित किया। जिला अस्पताल में चेकअप के बाद उसे आईजीएमसी शिमला में देर शाम आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है।
उसके खून के सैंपल लेकर जांच के लिए पुणे लैब भेज दिए हैं, जिनकी दो दिन बाद रिपोर्ट आएगी। उसके परिवार के लोगों को भी निगरानी में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने आपात बैठक बुलाकर चर्चा की। आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनक राज ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि हालांकि मरीज में कोरोना वायरस के कोई लक्षण नहीं दिख रहे हैं। ट्रेवल हिस्ट्री के चलते इस पर निगरानी रखी जा रही है। बताया जा रहा है कि संदिग्ध मरीज के दक्षिण कोरिया और दिल्ली में भी टेस्ट हुए हैं जिसकी रिपोर्ट निगेटिव बताई जा रही है।
उधर, कोरोना वायरस को लेकर अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी धीमान ने सचिवालय में अफसरों की बैठक ली और विभाग को अलर्ट रहने को कहा है। जिन मेडिकल कॉलेजों में वेंटिलेटर नहीं हैं, उन्हें खरीदने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग के अफसरों को निर्देश दिए कि स्कूलों में बीमारी के बारे में बच्चों को अवगत कराएं। पंचायती राज विभाग के अफसरों को 8 मार्च को होने वाली ग्राम सभा में लोगों को कोरोना के बारे में जानकारी देने को कहा है।
बॉर्डर एरिया में स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात की गई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने बताया कि आईजीएमसी पहुंचे संदिग्ध मरीज के टेस्ट सैंपल लेकर जांच को दिल्ली भेजे हैं। सीएमओ बिलासपुर प्रकाश दरोच ने बताया कि मरीज की टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। मरीज अपने संतुष्टि के लिए फिर से टेस्ट करवाना चाह रहा था, इस कारण उसे आईजीएमसी शिमला भेजा गया है।
नेपाल से आने वाले 28 दिन घर में रहेंगे निगरानी में
नेपाल से आ रहे लोगों को घरों में 28 दिन तक निगरानी में रखा जाएगा। नेपाल में कोरोना वायरस आने के बाद मंगलवार को जिला प्रशासन ने यह फैसला लिया। डीसी अमित कश्यप ने उपमंडल अधिकारियों की बैठक निर्देश जारी किए।
बैठक में हाल ही में नेपाल से शिमला और ऊपरी शिमला में आने वाले नेपालियों की संख्या का पता लगाने को कहा। इसके अलावा रोहडू, खनेरी, चौपाल और ठियोग अस्पताल में तुरंत आइसोलेशन वार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं।
औचक निरीक्षण करने पहुंची केंद्रीय टीम
कोरोना वायरस से निपटने के लिए अस्पताल कितने तैयार हैं? इसको लेकर केंद्र सरकार की ओर से एक सदस्यीय टीम ने आईजीएमसी अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। अस्पताल की तैयारियों को देखकर टीम संतुष्ट है।
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