Himachal: शिमला के बाद अब टांडा में पहुंचे कोरोना के दो संदिग्ध मरीज, डॉक्टरों ने की ये अपील

आईजीएमसी शिमला में पहुंचे कोरोनावायरस के संदिग्ध मरीज के बाद मेडिकल कॉलेज टांडा में भी दो संदिग्ध मरीज पहुंचे। भर्ती की गईं मां-बेटी का आइसोलेशन वार्ड में इलाज चल रहा है।
अस्पताल में कोरोना के संदिग्ध मरीज दाखिल होने से दूसरे मरीजों और उनके तीमारदारों में भी खौफ का माहौल है। हालांकि डॉक्टरों ने लोगों को भ्रम और खौफ में न पड़ने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट पर है।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ऐसे मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल में व्यापक सुविधाएं हैं। दोनों संदिग्ध 12 दिनों का इटली टूअर कर 22 फरवरी को दिल्ली लौटी थीं। बुखार और गले में संक्रमण पर वे स्थानीय अस्पताल गए। कांगड़ा से एंबुलेंस से उन्हें टांडा लाया गया है।
सूचना मिलते ही पूरी टीम अलर्ट हो गई

टांडा मेडिकल कॉलेज
टांडा मेडिकल कॉलेज प्रशासन को सूचना मिलते ही पूरी टीम अलर्ट हो गई। मरीजों की काउंसलिंग के बाद उन्हें एहतियात के तौर पर आइसोलेशन वार्ड में दाखिल कर दिया गया। इटली से लौटने के बाद युवती का दिल्ली में एच-1 एन-1 टेस्ट हुआ था। इसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
उन्हें चिकित्सकों ने दवाई दी थी, लेकिन घर आकर फिर से उन्हें बुखार के लक्षण महसूस हुए। अब टांडा में उनका इलाज जारी है। उनके ब्लड सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए पुणे भेजा है।
सीएमओ कांगड़ा जीडी गुप्ता ने बताया कि दोनों मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। बस लोग सावधानी बरतें। अस्पताल प्रबंधन किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार है।
कोरोना वायरस को लेकर बिलासपुर में हाई अलर्ट
बिलासुपर जिले के घुमारवीं उपमंडल के एक गांव में कोरोना वायरस के एक संदिग्ध मामले के सामने आने पर जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम पिछले तीन दिनों से लगातार संदिग्ध युवक के घर जाकर उनके परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य की जांच कर रही है। जबकि जिला अस्पताल में कोरोना वायरस के मरीजों के लिए अलग से विशेष वार्ड बनाए गए हैं जिसमें हर प्रकार की सुविधा है। हालांकि रोगी को लेकर जाने के लिए विशेष एंबुलेंस बिलासपुर के पास नहीं है।
उल्लेखनीय है कि गत रोज पहले दक्षिण कोरिया से एक युवक भारत लौटा था जो बिलासपुर के घुमारवीं उपमंडल के हरलोग का रहने वाला था। हालांकि युवक का कोरिया और दिल्ली में पहले टेस्ट हुआ था वहां रिपोर्ट नेगेटिव थी लेकिन घर आने के बाद युवक को गले में दिक्कत आई। जिसके बाद बिलासपुर से उन्हें कड़ी सुरक्षा के साथ आईजीएमसी शिमला भेजा गया है।
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